कांग्रेस उम्मीदवार राहुल गांधी ने शुक्रवार दोपहर को रायबरेली लोकसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल किया. नामांकन से पहले वह कांग्रेस कार्यालय से रोड शो निकालते हुए समाहरणालय पहुंचे. इस दौरान सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे. इस दौरान सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अशोक गहलोत मौजूद रहे.गांधी परिवार की तीसरी पीढ़ी का राजनीतिक सफर शुरू हो गया. अब कांग्रेस के युवराज रायबरेली में मां सोनिया गांधी की राजनीतिक विरासत संभालेंगे.
कांग्रेस की पुश्तैनी लोकसभा सीट पर शुक्रवार को नया इतिहास बन गया.रायबरेली लोकसभा सीट से राहुल गांधी ने नामांकन दाखिल कर दिया है. इस दौरान सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और अशोक गहलोत मौजूद रहे.गांधी परिवार की तीसरी पीढ़ी का राजनीतिक सफर शुरू हो गया. अब कांग्रेस के युवराज रायबरेली में मां सोनिया गांधी की राजनीतिक विरासत संभालेंगे.शुक्रवार सुबह ही कांग्रेस पार्टी ने अमेठी और रायबरेली सीट से उम्मीदवारों का नाम जारी किया. जिसके बाद राहुल गांधी रायबरेली स्थित फुरसतगंज हवाईअड्डे पर अपनी मां सोनिया गांधी, बहन प्रियंका गांधी वाड्रा, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य लोगों के साथ विमान से उतरे.
कई दिनों की असमंजस की स्थिति को खत्म करते हुए, पार्टी ने शुक्रवार सुबह घोषणा की कि राहुल गांधी रायबरेली सीट से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे, जो पहले उनकी मां सोनिया गांधी का निर्वाचन क्षेत्र था। पार्टी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि गांधी परिवार के करीबी किशोरी लाल शर्मा को अमेठी लोकसभा सीट से मैदान में उतारा गया है.शर्मा गांधी परिवार की अनुपस्थिति में इन दोनों प्रतिष्ठित निर्वाचन क्षेत्रों की देखभाल कर चुके हैं. सात चरण में हो रहे लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में 20 मई को जिन सीटों पर मतदान होगा, उनके लिए नामांकन दाखिल करने की आज आखिरी तारीख है.
बता दे की रायबरेली और अमेठी सीट पर 20 मई को ही वोटिंग होगी. वोटों की गिनती 4 जून को होगी. इस बीच, अमेठी से कांग्रेस उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा ने प्रियंका गांधी की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया. आपको बता दें कि पहले ऐसी अटकलें थीं कि प्रियंका गांधी अमेठी से चुनाव लड़ सकती हैं. लेकिन सूची जारी होने के बाद सभी अटकलों पर विराम लग गया.
रायबरेली लोकसभा सीट के इतिहास की बात करें तो सबसे पहले 1952 में फिरोज गांधी ने चुनाव लड़ा और जीते। इसके बाद 1958 में भी फिरोज गांधी ने जीत हासिल की. उनके निधन के बाद 1967 के चुनाव में इंदिरा गांधी ने इस सीट से पर्चा भरकर राजनीतिक पारी की शुरुआत की. ऐसे में यह सीट गांधी परिवार की विरासत बन गई. 2004 में इंदिरा गांधी की बहू सोनिया गांधी ने चुनाव लड़ा और पांच बार सांसद चुनी गईं। अब सोनिया गांधी के बेटे राहुल गांधी लोकसभा सीट से उतरकर विरासत को संभालने जा रहे हैं.
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