नीतीश कुमार ने सदन में महिलाओं को लेकर दिए अपने आपत्तिजनक बयान पर भले ही माफी मांग ली है, परन्तु मामला होता नहीं दिख रहा है. इस मामले में नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विधानसभा में आज भी जमकर हंगामा हुआ. बवाल इतना बढ़ गया कि सदन की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा.
शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया. विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए वैल में पहुंच गए. विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने ने पहले तो विपक्षी सदस्यों को शांत कराने की कोशिश की. परन्तु जब शोर-शराबा शांत नहीं हुआ तो उन्होने हंगामे के बीच ही प्रश्नकाल शुरू करा दिया. लेकिन हंगामा और बढ़ गया . बीजेपी विधायकों ने हाथों में कुर्सियां भी उठा ली. तब स्पीकर ने पहले दोपहर 12 बजे तक और फिर 2 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी.
नीतीश कुमार के इस्तीफे पर अड़ा है विपक्ष
नीतीश कुमार ने दो दिन पहले विधानसभा और विधान परिषद् में महिलाओं को लेकर बेहद आपत्तिजनक बयान दिया था. इसको लेकर काफी हंगामा मचा हुआ है. हालांकि नीतीश कुमार ने बुधवार को सदन में अपने बयान के लिए माफी मांग ली. परन्तु विपक्ष इतने से मानने
को तैयार नहीं है. विपक्षी पार्टियां मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग पर अड़ी है. विपक्ष का कहना है कि मुख्यमंत्री ने घटिया बयान देकर दोनों सदनों की गरिमा को ठेस पहुंचाई है और बिहार की छवि खराब की है.
हाथ आया मुद्दा छोड़ना नहीं चाहता विपक्ष
जातिगत सर्वे की रिपोर्ट पेश करने के बाद नीतीश सरकार ने राज्य में आरक्षण की सीमा 65 प्रतिशत करने की घोषणा की है. कैबिनेट ने प्रस्ताव को पास कर दिया है और अब इसे विधानसभा से पास होना है. बिहार में नीतीश कुमार की अगुवाई वाली महागठबंधन सरकार इसे नरेंद्र मोदी की काट मान कर चल रही है. इसके जरिए वह बीजेपी और नरेंद्र मोदी की बढ़त को रोकना चाहती है. इसी जातीय और आर्थिक सर्वे रिपोर्ट को लेकर चर्चा के दौरान नीतीश कुमार ने वह विवादित बयान दिया था. इसके बाद विपक्ष ने मुद्दे को पकड़ लिया और अब हाथ से जाने देना नहीं चाहती है.
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