कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को दावा किया कि पार्टी की पहली दक्षिण से उत्तर तक निकाली गई ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के भाजपा शासित राज्यों से गुजरने के दौरान कहीं इतनी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा, जितना असम में ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ निकालने में करना पड़ रहा है।
राहुल गांधी की अगुवाई में वर्ष 2022-23 में कन्याकुमारी से कश्मीर तक ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकाली गई थी और उनके नेतृत्व में गत 14 जनवरी से इंफाल से ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ आरंभ हुई है। यह यात्रा इन दिनों असम में है।रमेश ने संवादददाताओं से कहा, ”पहली भारत जोड़ो यात्रा को भाजपा शासित राज्यों से गुजरते समय भी इतनी कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ा था।”
उन्होंने दावा किया, ”असम में इन दो दिनों में हमें जितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ा, उतना कहीं और नहीं हुआ।”उन्होंने बताया कि पहली यात्रा तत्कालीन भाजपा शासित राज्यों कर्नाटक, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से होकर गुजरी थी और कांग्रेस ने वहां के मुख्यमंत्रियों और सरकारों की आलोचना भी की थी।
रमेश ने दावा किया, ”लेकिन यह पहली बार है कि 24 घंटे के भीतर ही इस यात्रा से मुख्यमंत्री परेशान हो गए हैं। हमें प्राथमिकी और जेल में बद करने की धमकी दी जा रही है। लोगों को यात्रा में शामिल होने से रोका जा रहा है।”रमेश ने इस बात पर जोर दिया कि ”कोई ताकत” इस यात्रा को असम में अपने अगले छह दिनों के निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार निकाले जाने से नहीं रोक सकती।असम में यह यात्रा 17 जिलों में 833 किमी की दूरी तय करते हुए 25 जनवरी तक जारी रहेगी।
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