कांग्रेस ने चंडीगढ़ के महापौर के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत और आठ मतों को अवैध करार दिए जाने के बाद मंगलवार को कहा कि उसे इस बात की हैरानी नहीं है कि भाजपा ने चंडीगढ़ में ‘लोकतंत्र की हत्या’ के लिए 30 जनवरी का दिन चुना।
चंडीगढ़ के महापौर पद के लिए हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार मनोज सोनकर ने मंगलवार को कांग्रेस समर्थित आम आदमी पार्टी के कुलदीप कुमार को हराकर जीत हासिल कर ली है। सोनकर को 16 मत मिले जबकि कुमार के पक्ष में 12 मत आए। आठ मतों को अवैध घोषित कर दिया गया।
पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”लोकतांत्रिक व्यवस्था पर निर्लज्ज तरीके से कब्जा किया गया। चंडीगढ़ में महापौर चुनाव जीतने के लिए विपक्षी वोटों को अवैध घोषित करना दर्शाता है कि लोकतांत्रिक जनादेश को खत्म करना भाजपा की दूसरी प्रकृति है।”
उन्होंने दावा किया, ”पहले तो उन्होंने अचानक चुनाव स्थगित कर दिया और फिर इस पर कब्ज़ा करने का तरीक़ा निकाला। यह उन सभी लोगों के लिए एक चेतावनी है जो यह सोचकर भ्रमित हैं कि मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा 2024 में जीतने पर लोकतंत्र को कार्य करने देगी।”कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि का हवाला देते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि भाजपा ने चंडीगढ़ में लोकतंत्र की हत्या के लिए 30 जनवरी का दिन चुना।”
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check