राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को कहा कि पूर्वोत्तर बहुमूल्य प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है और वहां के लोगों में अद्भुत प्रतिभा है जो उनके नृत्य, संगीत, वेशभूषा, हस्तशिल्प और व्यंजनों में दिखाई देती है।राष्ट्रपति भवन में विविधता का अमृत महोत्सव का उद्घाटन करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि पूर्वोत्तर में भारतीय संस्कृति के कई खूबसूरत और विविध रूप देखने को मिलते हैं। मुर्मू ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि विविधता का अमृत महोत्सव का पहला संस्करण पूर्वोत्तर के उत्सव के साथ शुरू किया जा रहा है।
राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी एक बयान में मुर्मू के हवाले से कहा गया, ”पूर्वोत्तर को बहुमूल्य प्राकृतिक सुंदरता का आशीर्वाद प्राप्त है। वहां के लोगों में अद्भुत प्रतिभा है जो नृत्य, संगीत, वेशभूषा, हस्तशिल्प और व्यंजनों में दिखाई देती है।”राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता ही उसकी ताकत है। मुर्मू ने कहा, ”यह हमारी सौम्य शक्ति है। इस विविधता का जश्न मनाने से हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उसमें निहित एकता का प्रदर्शन और अनुभव दोनों होगा।” उन्होंने विश्वास जताया कि इस महोत्सव में बड़ी संख्या में लोग आएंगे और पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक ऊर्जा का अनुभव करेंगे।
भारत की समृद्ध विविधता का जश्न मनाने और प्रदर्शित करने के लिए राष्ट्रपति भवन में विविधता का अमृत महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव को सात विशिष्ट संस्करणों-पूर्वोत्तर, दक्षिण, उत्तर, पूर्व, पश्चिम, मध्य क्षेत्र और केंद्र शासित प्रदेश के रूप में बांटा गया है।इस महोत्सव का पहला संस्करण उत्तर-पूर्व पर केंद्रित है। यह महोत्सव असम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, मिजोरम, मेघालय और सिक्किम की सुंदरता, समृद्ध विरासत और जीवंत संस्कृतियों को प्रदर्शित करता है। यह महोत्सव आम जनता के लिए 8 से 11 फरवरी तक सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहेगा।
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