आजकल हर किचन में नॉन-स्टिक बर्तनों का इस्तेमाल आम हो गया है। इनमें खाना जल्दी बनता है, कम तेल लगता है और सफाई भी आसान होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनकी सुविधा के पीछे कुछ ऐसे नुकसान छिपे हैं, जो आपकी सेहत के लिए खतरा बन सकते हैं?
अगर नॉन-स्टिक बर्तनों का इस्तेमाल सही तरीके से न किया जाए, तो ये शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं।
नॉन-स्टिक बर्तनों के 7 बड़े नुकसान
1. हानिकारक केमिकल्स का खतरा
नॉन-स्टिक कोटिंग में इस्तेमाल होने वाले कुछ केमिकल्स (जैसे PTFE) ज्यादा गर्म होने पर हानिकारक धुएं छोड़ सकते हैं।
2. ज्यादा तापमान पर नुकसानदायक
तेज आंच पर खाना बनाने से कोटिंग खराब हो सकती है और जहरीले तत्व खाने में मिल सकते हैं।
3. कोटिंग उतरने का खतरा
समय के साथ बर्तनों की कोटिंग उतरने लगती है, जो खाने के साथ शरीर में जा सकती है।
4. हार्मोनल असंतुलन का जोखिम
कुछ रिसर्च में संकेत मिले हैं कि लंबे समय तक इन केमिकल्स के संपर्क में रहने से हार्मोन पर असर पड़ सकता है।
5. पर्यावरण के लिए हानिकारक
नॉन-स्टिक बर्तनों के निर्माण और निपटान से पर्यावरण को भी नुकसान होता है।
6. स्क्रैच होने पर बढ़ता खतरा
खरोंच लगने के बाद इनका इस्तेमाल करना ज्यादा खतरनाक हो सकता है।
7. लंबे समय तक उपयोग सुरक्षित नहीं
पुराने और खराब हो चुके नॉन-स्टिक बर्तनों का इस्तेमाल सेहत के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
कैसे करें सुरक्षित इस्तेमाल?
- तेज आंच पर न पकाएं
- लकड़ी या सिलिकॉन के चम्मच का इस्तेमाल करें
- खरोंच लगे बर्तन तुरंत बदलें
- खाली बर्तन को ज्यादा देर तक गर्म न करें
बेहतर विकल्प क्या हैं?
- स्टील के बर्तन
- कास्ट आयरन (लोहे) के बर्तन
- मिट्टी के बर्तन
नॉन-स्टिक बर्तन सुविधाजनक जरूर हैं, लेकिन इनका गलत इस्तेमाल आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए इन्हें सावधानी से इस्तेमाल करें और समय-समय पर बदलते रहें।
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