मुंबई (अनिल बेदाग): नक्सल प्रभावित और पिछड़े माने जाने वाले गढ़चिरौली जिले में अब बदलाव की बयार बह रही है। “हर घर नौकरी, जीवन भर रोशनी” नामक इस पहल के जरिए नीतू जोशी और उनकी संस्था मियाम चैरिटेबल ट्रस्ट, सुरजागढ़ इस्पात प्रा. लि. के साथ मिलकर सैकड़ों आदिवासी युवाओं की जिंदगी बदलने में जुटी हैं।
वड्दलापेट (तालुका: अहेरी) के दूरदराज क्षेत्र में शुरू की गई इस पहल के अंतर्गत युवाओं को सेना, पुलिस, सीआरपीएफ, वन विभाग जैसी नौकरियों के लिए निशुल्क शारीरिक प्रशिक्षण, शैक्षणिक कोचिंग, डिजिटल शिक्षा, पोषण, और आवागमन की सुविधा दी जा रही है।
नीतू जोशी कहती हैं कि एक सरकारी नौकरी सिर्फ एक युवा का नहीं, बल्कि पूरे परिवार का भविष्य बदल सकती है। हमारा उद्देश्य हर आदिवासी घर तक यह अवसर पहुंचाना है।” सुरजागढ़ इस्पात की आर्थिक सहायता और मियाम ट्रस्ट के सामाजिक संकल्प के चलते यह पहल गढ़चिरौली के युवाओं के लिए आशा की किरण बन गई है। यह महज एक योजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर कदम है।
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check