मारुति सुजुकी इंडिया ने अपनी वार्षिक उत्पादन क्षमता को आठ वर्षों में दोगुना कर 40 लाख इकाई तक लाने के लिए लगभग 45,000 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बनाई है।कंपनी के चेयरमैन आर सी भार्गव ने मंगलवार को यह जानकारी दी।उन्होंने मारुति सुजुकी की वार्षिक आम बैठक में कहा कि कंपनी शेयर विभाजन के लिए शेयरधारकों के सुझावों पर बोर्ड बैठक में विचार करेगी।
भार्गव ने कहा कि वैश्विक ऑटो उद्योग शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन के लिए प्रयास कर रहा है, और इस दिशा में मारुति सुजुकी इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी), हाइब्रिड, सीएनजी, इथेनॉल-मिश्रित तथा संपीड़ित बायोगैस जैसी प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने कहा कि अभी यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि नई प्रौद्योगिकियों के मामले में अगले 8-10 वर्षों में क्या होगा।भार्गव ने शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि कंपनी 40 वर्षों में 20 लाख इकाइयों के उत्पादन और बिक्री तक पहुंची है और अगले आठ वर्षो में इसमें 20 लाख इकाइयों को और जोड़ने की तैयारी है।
उन्होंने कहा, ”हमारे सामने आने वाला समय बेहद अनिश्चित और चुनौतीपूर्ण होने जा रहा है। हमें 20 लाख कारों की क्षमता तैयार करने में लगभग 45,000 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। हालांकि, यह मुद्रास्फीति पर निर्भर करेगा।”उन्होंने कहा कि ‘मारुति 3.0’ के तहत कंपनी ने 2030-31 तक बाजार में लगभग 28 विभिन्न मॉडलों को पेश करने के साथ उत्पादन क्षमता को 20 लाख इकाई तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है।
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