13 सितंबर 1973 के दिन पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में जन्मी महिमा चौधरी किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं. उन्हें बचपन से ही एक्टिंग का शौक था, जिसके चलते उन्होंने कई म्यूजिक चैनलों में बतौर वीजे काम किया था. उस दौरान ही महिमा पर सुभाष घई की नजर पड़ी और उन्हें फिल्म परदेस मिल गई. हालांकि, इस फिल्म के मिलने में महिमा की हंसी ने असली कमाल किया था. बर्थडे स्पेशल में हम आपको इस किस्से से रूबरू करा रहे हैं.
जोरदार हंसी से मिली थी पहली फिल्म
बता दें कि महिमा चौधरी ने फिल्म परदेस में कुसुम गंगा का किरदार निभाकर बॉलीवुड डेब्यू किया था. हालांकि, आपको यह जानकर हैरानी होगी कि वह डायरेक्टर सुभाष घई की पहली पसंद नहीं थीं. यह बात सुभाष घई ने खुद एक इंटरव्यू में बताई थी. उन्होंने कहा था कि वह फिल्म में माधुरी दीक्षित को लेना चाहते थे, लेकिन बात नहीं बन सकी. उसके बाद महिमा चौधरी का इंटरव्यू लिया गया, जिसमें वह एक बात पर काफी जोर से हंसीं. उस हंसी को देखकर ही सुभाष घई ने महिमा चौधरी को फिल्म के लिए साइन कर लिया था.
परिवार के लिए दांव पर लगा दिया था करियर
महिमा चौधरी सिनेमा की दुनिया की उन अभिनेत्रियों में शुमार हैं, जिन्होंने अपने परिवार के लिए करियर को कुर्बान कर दिया. दरअसल, उन्होंने साल 2006 के दौरान बिजनेसमैन बॉबी मुखर्जी से शादी की थी, जो महज सात साल बाद यानी 2013 में टूट गई. दोनों की एक बेटी एरियाना चौधरी है, जो महिमा के साथ ही रहती हैं. बॉबी मुखर्जी से अलग होने के बाद बेटी की परवरिश के लिए महिमा ने अपना करियर भी दांव पर लगा दिया था. उन्होंने फिल्मों से ज्यादा तवज्जो अपनी बेटी को दी.
जब भयानक एक्सीडेंट से जूझीं महिमा चौधरी
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि फिल्म दिल क्या करे की शूटिंग के दौरान महिमा चौधरी का भयानक कार एक्सीडेंट हुआ था. उस दौरान उनके चेहरे में कांच के तमाम टुकड़े धंस गए थे. उस वक्त तो उन्हें ऐसा लगा था कि जैसे उनकी जान जाने वाली है. हालांकि, फिल्म के प्रॉड्यूसर अजय देवगन और काजोल ने उनकी काफी मदद की थी, जिसकी वजह से उस वक्त किसी को भी हादसे का पता नहीं चला. उस दौरान महिमा के चेहरे से कांच के 67 टुकड़े निकाले गए थे.
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