मद्रास उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) के अपदस्थ नेता ओ. पनीरसेल्वम की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने जुलाई 2022 की सामान्य परिषद की बैठक में के. पलानीस्वामी को पार्टी के अंतरिम प्रमुख के रूप में चुने जाने के फैसले को चुनौती दी थी।
न्यायमूर्ति आर. महादेवन और न्यायमूर्ति मोहम्मद शफीक की खंडपीठ ने पनीरसेल्वम को पार्टी से निष्कासित करने के मामले में भी हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।पीठ ने पनीरसेल्वम और उनके सहयोगियों आर. वैथिलिंगम, पॉल मनोज पांडियन और जेसीडी प्रभाकर द्वारा एकल न्यायाधीश के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। इस आदेश में अदालत ने अन्नाद्रमुक सामान्य परिषद की ओर से 11 जुलाई 2022 को पारित प्रस्तावों में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था।
सामान्य परिषद अन्नाद्रमुक की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है।पार्टी ने पलानीस्वामी को अपना अंतरिम महासचिव चुनने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, इसके अलावा उनके प्रतिद्वंद्वी पनीरसेल्वम और उनके समर्थकों को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।इ
सके बाद पलानीस्वामी को इस साल मार्च में पार्टी का महासचिव चुना गया जो पार्टी में शीर्ष पद होता है।अन्नाद्रमुक तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी है और पलानीस्वामी वर्तमान में राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं।
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