भारत की अनुभवी कंपाउंड तीरंदाज ज्योति सुरेखा वेन्नम और ओजस देवताले ने स्वर्ण पदकों की हैट्रिक लगाई जबकि अदिति स्वामी को कांस्य पदक मिला और इसके साथ ही भारतीय तीरंदाजों ने इन एशियाई खेलों में रिकॉर्ड नौ पदक अपनी झोली में डाल लिये। इससे पहले भारत ने इंचियोन में 2014 में हुए खेलों में तीन पदक जीते थे।
मौजूदा विश्व चैम्पियन अदिति स्वामी ने कांस्य पदक के एकतरफा प्लेआफ मुकाबले में इंडोनेशिया की रातिह जिलिजाती एफ को हराया। बर्लिन में दो महीने पहले विश्व चैम्पियनशिप खिताब जीतने वाली 17 वर्ष की अदिति ने 146.140 से जीत दर्ज की। बाद में ज्योति ने दक्षिण कोरिया की सो चाएवोन को 149.145 से हराकर तीसरा स्वर्ण जीता। वह मिश्रित युगल और महिला टीम वर्ग का स्वर्ण जीत चुकी है।
ज्योति ने कहा, ‘‘मेरे पास शब्द नहीं है। इतने जज्बात उमड़ रहे हैं। मुझे सोचने के लिये समय लगेगा।” वहीं गुरू और शिष्य के मुकाबले में 21 वर्ष के विश्व चैम्पियन देवताले ने 34 वर्ष के अभिषेक वर्मा को 149.147 से हराया। बर्लिन में विश्व खिताब जीतने वाले देवताले पुरूष टीम और मिश्रित युगल स्वर्ण जीत चुके हैं।
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