इजराइल और फिलिस्तीन के आतंकवादी संगठन हमास के बीच गाजा पट्टी में छिड़ा युद्ध आज (बुधवार) 61वें दिन और तेज हो गया। इजराइली सुरक्षा बलों ने दक्षिणी गाजा के सबसे बड़े शहर खान यूनिस को चारों ओर से घेरकर भागने के सारे रास्ते बंद कर दिए हैं।सुरक्षा बलों की प्राथमिकता खान यूनिस में बनाई गई सुरंगों में छुपे हमास के कमांडरों को निशाना बनाना है। रात को कम से कम चार कमांडरों और कई गुर्गों को ढेर कर दिया गया।
यहां के प्रमुख अखबार द टाइम्स ऑफ इजराइल के अनुसार इजराइली सुरक्षा बल स्कूलों और अस्पतालों में बनाई गई सुरंगों में छुपे आतंकवादियों को खोज-खोज कर मार रहे हैं। रॉकेट, मोर्टार और मिसाइलें दागी जा रही हैं। कुछ देर पहले उत्तरी वेस्ट बैंक में इजराइली डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) के साथ संघर्ष में दो फिलिस्तीनी मारे गए हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि युद्ध के बाद गाजा को विसैन्यीकृत करना बहुत जरूरी है। इजराइली डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) पर भरोसा है वह ऐसा कर दिखाएंगे।
अखबार के अनुसार हमले में लेबनानी सैनिक की मौत पर आईडीएफ ने माफी मांगी है। आईडीएफ ने कहा है कि सैनिक हिजबुल्लाह पोस्ट पर एक वास्तविक खतरे को बेअसर करने के लिए काम कर रहे थे। लेबनानी सेना लक्ष्य पर नहीं थी। आईडीएफ प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल हर्जी हलेवी ने कहा कि दक्षिणी गाजा के खान यूनिस क्षेत्र को पूरी तरह घेर लिया गया है। बलों ने यहां उत्तरी गाजा पट्टी ब्रिगेड के कई हमास कमांडरों और गुर्गों को मार गिराया है। यह लोग अस्पताल के पास स्थित एक सुरंग में छुपे थे।
आईडीएफ ने कहा है कि दक्षिणी गाजा को दी जाने वाली मानवीय सहायता के धीमी होने के लिए संयुक्त राष्ट्र जिम्मेदार है। आईडीएफ अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहते हुए लड़ाई लड़ रहा है। इस लड़ाई में हमास की सबसे बड़ी गाजा ब्रिगेड के चार बटालियन कमांडरों को मार गिराया गया है।
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