फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास के आक्रमण में मारे गए नेपाली नागरिकों के परिवारों को इजराइल सरकार आजीवन आर्थिक सहयोग देगी। नेपाल में इजराइल के राजदूत हनान गोडर ने विदेश मंत्री नारायणकाजी श्रेष्ठ से मुलाकात कर सरकार के फैसले की जानकारी दी।
गोडर ने विदेश मंत्री को बताया है कि सहायता की पहली किस्त पीड़ित परिवारों को उपलब्ध करा दी गई है। हमास के इजराइल पर हमले में करीब 10 नेपाली नागरिक मारे गए हैं। इनमें से अधिकांश कृषि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी थे। मगर कंचनपुर जिले के एक छात्र विपीन जोशी की अब तक कोई खबर नहीं मिल पाई है।
न तो उसका शव ही मिल पाया है और न हमास ने उसके बंधक होने की जानकारी ही दी है। हालांकि इजराइल सरकार ने विपीन जोशी के परिवार को भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। इजराइली राजदूत ने कहा है कि जब तक उसका पता नहीं लग जाता तब तक उसके परिवार को भी आर्थिक सहायता नियमित उपलब्ध कराई जाएगी।
इजराइल सरकार ने उन 134 लोगों के परिवारों को भी इस माह से मासिक भत्ता देना शुरू किया गया है जो अब तक हमास के कब्जे में है। राजदूत गाडर ने कहा कि इजराइल के कानून के तहत वहां रहने वाले किसी भी विदेशी नागरिकों की यदि आतंकी हमले में जान जाती है तो उसके परिवार को इजराइल के नागरिकों की तरह सारी सुविधा मिलती रहेगी।
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