डायबिटीज रोगियों को चीनी से सख्ती से परहेज करने की सलाह दी जाती है। क्योंकि इससे उनके रक्त शर्करा के स्तर में वृद्धि होती है। ऐसे में लोग रिफाइंड चीनी और प्राकृतिक चीनी के इस्तेमाल से बचने और अपनी मीठे की लालसा को पूरा करने के लिए शुगर फ्री टैबलेट जैसे कृत्रिम मिठास का सेवन करते हैं।सिर्फ डायबिटीज रोगी ही नहीं, इन दिनों शुगर फ्री टेबलेट का आम लोग भी काफी कर रहे हैं। क्योंकि वे सोचते हैं कि इससे वजन घटाने में मदद मिलती है और डायबिटीज जैसे रोगों से भी बचाव होता है। साथ ही लोग सोचते हैं कि शुगर फ्री टेबलेट रिफाइन शुगर की तरह सेहत के लिए नुकसानदायक भी नहीं होती है। लेकिन क्या वाकई ऐसा है? मीठे की क्रेविंग को पूरा करने के लिए शुगर फ्री टेबलेट के इस्तेमाल के बारे में अधिक जानने के लिए हमने डाइटीशियन एक्सपर्ट से बात की। हम इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं।
क्या शुगर फ्री टेबलेट का सेवन सेफ है
डाइटीशियन एक्सपर्ट की मानें तो बहुत से लोग शुगर फ्री टेबलेट का चीनी का स्वस्थ विकल्प समझते हैं। लेकिन यह कई मामलों में चीनी से अधिक खतरनाक साबित हो सकती हैं। भले ही वे आपको चीनी के समान स्वाद प्रदान कर सकते हैं और इन्हें पदार्थों को प्राकृतिक उत्पादों के सम्मिश्रण से बनाया जाता है। लेकिन उनके निर्माण की प्रक्रिया के दौरान उन्हें कई रासायनिक प्रक्रियाओं से भी गुजरना पड़ता है। अगर आप शुगर फ्री टेबलेट को स्वस्थ समझकर इनका अधिक सेवन करते हैं, तो यह आपको फायदे से अधिक नुकसान पहुंचा सकते हैं। ” अध्ययनों में भी यह पाया गया है कि शुगर फ्री टेबलेट्स के नियमित और अधिक सेवन से सेहत के पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं।”
शुगर फ्री गोलियों (टेबलेट) के नुकसान – डाटीशियन गरिमा के अनुसार शुगर फ्री गोलियों के अधिक सेवन से डायबिटीज रोगियों के साथ ही आम लोगों पर भी इसके गंभीर दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। जैसे:
1. यह आपकी भूख को बढ़ा सकता है- डायटीशियन गरिमा की मानें तो ” अध्ययनों में यह पाया गया है कि जिन फूड्स और ड्रिंक्स में शुगर फ्री टेबलेट जैसे आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का प्रयोग किया जाता है, उनके सेवन के बाद लोगों को अधिक भूख लगती है और शुगर की क्रेविंग भी अधिक होती है। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि वे आपके मस्तिष्क को मीठे स्वाद और कैलोरी की कमी के साथ भ्रमित करते हैं।”
2. कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है- “आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का अधिक और लंबे समय तक सेवन करने से कैंसर जैसे गंभीर रोगों का जोखिम भी बढ़ सकता है, हालांकि इसको लेकर अभी पर्याप्त सबूत मौजूद नहीं है और अधिक शोध की आवश्यकता है। लेकिन बड़ी मात्रा में शुगर फ्री टेबलेट के सेवन से कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है।
3. वजन बढ़ता है- बहु से लोग सोचते हैं कि शुगर फ्री टेबलेट लेने वजन घटाने में मदद मिलती है। लेकिन ऐसा नहीं है, यहमोटापे का कारण बन सकता है। यह आपकी भूख को बढ़ाता है और आपके मेटाबॉलिज्म को भी प्रभावित करता है। “अध्ययन भी सुझाव देते हैं कि वजन घटाने के लिए शुगर फ्री टेबलेट लेना बिल्कुल भी फायदेमंद नहीं है। यह मेटाबॉलिज्म और एपेटाइट पर विपरीत असर डालती हैं।”
4. पेट के लिए नुकसानदायक है- आर्टिफिशियल स्वीटनर के अधिक सेवन से आपकी पाचन क्रिया प्रभावित होती है। यह आंत के बैक्टीरिया पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। जिससे यह आप पेट संबंधी समस्याओं का कारण बनते हैं। आंत के खराब स्वास्थ्य को टाइप 2 मधुमेह के बढ़ते जोखिम से भी जोड़ा गया है।
5. बीपी और हृदय रोग का जोखिम बढ़ता है- शुगर फ्री टेबलेट लेने से आपका ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होने का जोखिम बढ़ता है, जिससे यह आपके हृदय स्वास्थ्य के लिए भी बेहद नुकसानदायक है। साथ ही यह आपकी आंखों की रोशनी को भी प्रभावित कर सकती हैं।
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