विपक्षी गठबंधन रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली करने जा रहा है। इस संबंध में कांग्रेस नेता जयराम रमेश का कहना है कि रैली का मुख्य मुद्दा महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक विषमता और ध्रुवीकरण होगा।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश (संचार) ने कांग्रेस मुख्यालय में एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। जयराम रमेश ने कहा कि 31 मार्च (रविवार) की रैली लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए है, इसलिए नाम लोकतंत्र बचाओ रैली रखा गया है।
जयराम रमेश ने कहा कि भारत जोड़ो न्याय यात्रा की समाप्ति के बाद मुंबई में आईएनडीआईए गठबंधन की एक बड़ी रैली हुई थी। वहां पर पहला शंखनाद हुआ था और कल (रविवार) दूसरा बड़ा शंखनाद होगा। इस रैली में पूरा आईएनडीआईए शामिल है। इस रैली में देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक विषमता और सामाजिक ध्रुवीकरण मुख्य मुद्दा होगा।
दिल्ली में प्रस्तावित रैली को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) दोनों तैयारियों में जुट गई है। शनिवार को एक तरफ जहां आप के विधायक आयोजन स्थल पर तैयारियों का जाएजा लेने पहुंचे। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के नेताओं ने एक संवाददाता सम्मेलन कर स्पष्ट कर दिया कि यह किसी पार्टी की रैली नहीं होगी यह किसी व्यक्ति की रैली नहीं है।
जयराम रमेश ने कहा कि यह आईएनडीआईए में शामिल सभी 28 पार्टियों की रैली है। यह अलग बात है कि पश्चिम बंगाल में सीट शेयरिंग फार्मूला लागू नहीं हुआ फिर भी तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गठबंधन की इस लोकतंत्र बचाओ रैली में शामिल होंगे।
इस मौके पर कांग्रेस के नेता पवन खेड़ा ने कर्नाटक की राजनीति मेें सक्रिय रहीं तेजस्विनी गौड़ा को पार्टी की सदस्यता दिलाई और पार्टी में दोबारा से शामिल होने पर स्वागत किया। तेजस्विनी गौड़ा 2004-09 के दौरान कांग्रेस की सांसद थी। इसके बाद वे मार्च 2014 में उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गईं। मार्च 2024 में उन्होंने कर्नाटक विधान परिषद सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया।
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