केंद्र ने सेवानिवृत्त होने वाले और सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों को सेवा के अपने अनुभव साझा करने के लिए कहा है, जिसका उद्देश्य भविष्य में शासन में सुधार लाना है। यह जानकारी शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान से मिली।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) ने सेवानिवृत्त होने वाले/सेवानिवृत्त हो चुके केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों द्वारा सरकार के साथ काम करने के अनुभव साझा करने के लिए मार्च 2015 में ‘अनुभव पोर्टल’ नामक एक ऑनलाइन मंच की शुरुआत की थी।
बयान में कहा गया है कि ऐसी परिकल्पना की गई है कि सेवानिवृत्त लोगों द्वारा टिप्पणी छोड़ने की यह संस्कृति भविष्य में सुशासन और प्रशासनिक सुधारों की आधारशिला बनेगी। सरकार ने अनुभव पुरस्कार योजना 2024 अधिसूचित किया है।
बयान में कहा गया है कि इस योजना में भाग लेने के लिए, केंद्र सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारियों/पेंशनभोगियों को सेवानिवृत्ति से 8 महीने पहले और सेवानिवृत्ति के एक साल बाद तक अपना अनुभव लेख जमा करना होगा। इसके बाद, संबंधित मंत्रालयों/विभागों द्वारा मूल्यांकन के बाद लेख प्रकाशित किए जाएंगे। बयान के अनुसार प्रकाशित लेखों को अनुभव पुरस्कारों और जूरी प्रमाणपत्रों के लिए चयनित किया जाएगा। अनुभव पुरस्कार योजना 2024 के तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 मार्च है।
बयान के अनुसार 2016 से 2023 तक अब तक 54 अनुभव पुरस्कार प्रदान किये जा चुके हैं। बयान में कहा गया है कि योजना के अनुसार, 31 जुलाई, 2023 से 31 मार्च, 2024 तक अनुभव पोर्टल पर प्रकाशित सभी अनुभव लेखों पर पांच अनुभव पुरस्कारों और 10 जूरी प्रमाणपत्रों के लिए विचार किया जाएगा।
अनुभव पुरस्कार योजना, 2024 में व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए, डीओपीपीडब्ल्यू ने प्रत्येक पेंशनभोगी तक अनुभव जमा कराने के लिए एक पहुंच अभियान चलाया है। इसमें कहा गया है कि इस संबंध में मंत्रालयों/विभागों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के नोडल अधिकारियों के साथ बैठकें की गई हैं।
बयान में कहा गया है, ‘मंत्रालयों/विभागों से अनुभवों को समय पर जमा करने के लिए पेंशनभोगियों तक पहुंच बनाने का अनुरोध किया गया है। पुरस्कार विजेता नामांकन के दस्तावेज़ीकरण के प्रारूप पर ज्ञान-साझाकरण सत्र भी आयोजित किए गए हैं।’ इसमें कहा गया है कि अनुभव पुरस्कार विजेताओं ने ‘अनुभव अवार्डीज़ स्पीक वेबिनार सीरीज’ के तहत एक राष्ट्रीय मंच पर अपने अनुभव साझा किए।
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