कमर दर्द और मोटापे से छुटकारा: रोजाना करें त्रिकोणासन, मिलेगी नई ऊर्जा

भागदौड़ भरी जिंदगी, लंबे समय तक बैठकर काम और व्यायाम की कमी आज कमर दर्द और मोटापे जैसी समस्याओं को आम बना चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आप रोजाना कुछ ही मिनट अपने शरीर को समर्पित करें, तो इन परेशानियों से छुटकारा पाया जा सकता है। योग का एक बेहद सरल लेकिन असरदार आसन — त्रिकोणासन (Trikonasana) — इन समस्याओं के समाधान के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

क्या है त्रिकोणासन
त्रिकोणासन संस्कृत के दो शब्दों से बना है – त्रि यानी तीन और कोण यानी कोण या एंगल। इस आसन में शरीर त्रिभुज के आकार का बनता है, इसलिए इसे त्रिकोणासन कहा जाता है। यह न केवल शरीर की लचक बढ़ाता है बल्कि पेट, कमर और जांघों की अतिरिक्त चर्बी को कम करने में मदद करता है।

कमर दर्द से तुरंत राहत
योग विशेषज्ञों का कहना है कि त्रिकोणासन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और शरीर के दोनों ओर समान रूप से खिंचाव लाता है। इससे कमर और कंधों में जमा तनाव दूर होता है। आईटी प्रोफेशनल्स या लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करने वालों के लिए यह आसन वरदान साबित हो सकता है। नियमित अभ्यास से पीठ दर्द और मांसपेशियों के खिंचाव में भी सुधार आता है।

मोटापा और पेट की चर्बी घटाने में सहायक
योग और नेचुरोपैथी विशेषज्ञ, कहती हैं, “त्रिकोणासन करने से पेट के आसपास की मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जिससे फैट बर्न होता है। यह आसन पाचन तंत्र को मजबूत करता है और शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है। नियमित अभ्यास वजन नियंत्रित रखने में मदद करता है।”

ब्लड सर्कुलेशन और दिल के लिए फायदेमंद
इस आसन से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे दिल की कार्यक्षमता बढ़ती है। साथ ही यह फेफड़ों की क्षमता में सुधार लाता है और सांस की समस्याओं को कम करता है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि योग के इस आसन से ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है और मानसिक शांति भी मिलती है।

कैसे करें त्रिकोणासन

सीधे खड़े होकर दोनों पैरों में लगभग 3 फीट का अंतर रखें।

दायां पैर बाहर की ओर मोड़ें और बायां पैर थोड़ा अंदर की ओर रखें।

सांस लेते हुए दोनों हाथों को कंधों के समानांतर फैलाएं।

अब सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे दाईं ओर झुकें और दायां हाथ पैर या जमीन को छुए।

बायां हाथ ऊपर की ओर सीधा रखें और गर्दन को ऊपर की ओर मोड़ें।

20 से 30 सेकंड इस स्थिति में रहें, फिर सामान्य अवस्था में लौटें। यही प्रक्रिया दूसरी ओर दोहराएं।

सावधानियां
जिन लोगों को चक्कर आने, हर्निया, हाई बीपी या हाल में सर्जरी हुई हो, उन्हें यह आसन करने से पहले डॉक्टर या योग प्रशिक्षक की सलाह लेनी चाहिए।

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