झारखंड में हर महीने 60 महिलाएं छेड़खानी की शिकार हो रही हैं. साल 2022 की तुलना में साल 2023 में छेड़खानी की घटनाओं में कमी आई है. स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक, झारखंड में पिछले साल मार्च महीने से लेकर जून महीने तक महिलाओं के साथ छेड़खानी की कुल 312 घटनाएं सामने आयी थी. जबकि इस साल इसी समय अवधि में महिलाओं से छेड़खानी के 248 घटनाएं हुए हैं. धनबाद में महिलाओं के साथ छेड़खानी के सबसे अधिक मामले दर्ज हुए हैं, जबकि रांची में सबसे कम मामले दर्ज हुए हैं.
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर झारखंड पुलिस ने एक और नई पहल ‘मेक माई सिटी सेफ’ शुरू की, किसी भी क्षेत्र में महिलाओं के साथ कुछ गलत हो रहा है या कोई इलाका उनके लिए असुरक्षित है तो सिर्फ झारखंड पुलिस की वेबसाइट पर लॉग इन कर कुछ जानकारी देनी है. पुलिस उस पर त्वरित कार्रवाई करेगी. जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा. जानकारी देने के लिए झारखंड पुलिस के वेबसाइट jhpolice.gov.in पर लॉग इन करना है. इसके बाद Initiatives में जाकर Make My City Safe पर क्लिक करते ही एक विंडो खुलेगा, जिसमें कुछ जानकारियां देनी है.गौरतलब है कि राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई पहल किए गए हैं.
लेकिन प्रचार-प्रसार नहीं होने से इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. महिलाओं की सुरक्षा के लिए पहले से शक्ति ऐप और शक्ति मोबाइल कार्यरत है. शक्ति ऐप को कोई भी महिला अपने मोबाइल में इंस्टॉल कर सकती है, जिसमें एक लाल बटन है. असुरक्षित महसूस करने पर कोई भी महिला लाल बटन को दबा दे तो उसका लोकेशन ट्रेस कर पुलिस उस तक तुरंत पहुंचेगी.
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