भारत पर तीसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन पहले सत्र में आर अश्विन के पिच के संरक्षित हिस्से में दौड़ते हुए पाये जाने पर पांच रन का जुर्माना लगाया है। इससे पहले रवींद्र जाडेजा तीसरे टेस्ट के पहले दिन पिच के संरक्षित हिस्से पर दौड़ने पर भारत को चेतावनी दी गई थी। इंग्लैंड को 102वें ओवर में पांच पेनाल्टी रन उस समय दिये गये जब भारत का स्कोर सात विकेट पर 358 रन था। अश्विन ने गेंद को कवर की ओर खेला और रन के लिए पिच पर दौड़ पड़े लेकिन ध्रुव जुरेल ने उनको वापस भेजा।
अंपायर जोएल विल्सन और अश्विन के बीच बातचीत हुई जो पेनाल्टी का सिग्नल देने से पहले निराश दिख रहे थे। इस पेनाल्टी के कारण इंग्लैंड राजकोट टेस्ट में पहली पारी की शुरुआत पांच रन शून्य विकेट के साथ करेगा। नियम 41.14 में बल्लेबाजों के पिच को खराब करने के बारे में बताया गया है, जिसमें कहा गया है, “पिच को जानबूझकर या ऐसी स्थिति जहां वह हट सकता था लेकिन ऐसा नहीं किया तो इसे क्षति पहुंचाना अनुचित है।
यदि स्ट्राइकर गेंद खेलते या खेलते समय संरक्षित क्षेत्र में प्रवेश करता है, तो उसे उसके तुरंत बाद वहां से हट जाना चाहिए। यदि कोई अंपायर मानता है कि पिच पर उसकी उपस्थिति उचित कारण के बिना है तो बल्लेबाज को क्षति पहुंचाने वाला माना जाएगा।”नियम 41.14.2 ऐसी पहली घटना में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया का वर्णन करता है जो बल्लेबाजी पक्ष के लिए एक चेतावनी है। जुर्माना कानून 41.14.3 में कहा गया है कि यदि उस पारी में टीम फिर से यह गलती दोहराती है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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