प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सैयद बुरहानुद्दीन और अन्य से जुड़े धन शोधन के मामले यहां तलाश अभियान शुरू किया है।जांच एजेंसी की ओर से जारी बयान के मुताबिक जांच धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले से जुड़ी है। ईडी ने एक शिकायत के जवाब में हैदराबाद पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी (एफआईआर) के आधार पर जांच शुरू की है। शिकायत मेंकहा गया है कि सैयद बुरहानुद्दीन ने अपने सहयोगी वेंकटरमण यादव के माध्यम से नयी दिल्ली स्थित प्रवर्तन निदेशालय को एक झूठी शिकायत सौंपी थी जिसमें एक व्यक्ति पर धन शोधन, हवाला लेनदेन और अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
प्राथमिकी में कहा गया है कि सैयद बुरहानुद्दीन ने नकली ईडी स्टांप का उपयोग करके फर्जी दस्तावेज तैयार किए, जिसमें ईडी द्वारा शिकायत की कथित पावती भी शामिल थी। कथित तौर पर, बुरहानुद्दीन ने शिकायतकर्ता को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी और 10 करोड़ रुपये में मामले को निपटाने की पेशकश की। उसने ईडी अधिकारियों और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के साथ अपने संबंध का झूठा दावा किया।
ईडी की जांच में सैयद बुरहानुद्दीन के खिलाफ इसी तरह के आरोपों के साथ दर्ज कई एफआईआर का खुलासा हुआ, जिसमें विभिन्न संगठनों के उच्च-रैंकिंग अधिकारियों के साथ अपने संबंधों का गलत दावा करके मामलों को सुलझाने के लिए धोखाधड़ी वाले प्रस्तावों के साथ व्यक्तियों से संपर्क करने की लगातार कोशिश का खुलासा हुआ है। तलाशी अभियान के दौरान डिजिटल उपकरणों और आपत्तिजनक दस्तावेजों की बरामदगी और जब्ती हुई, जिसमें संपत्ति से संबंधित दस्तावेज, घरेलू और विदेशी दोनों संस्थाओं के साथ बुरहानुद्दीन के संबंधों के सबूत शामिल है। बेहिसाब संपत्ति लेनदेन का संकेत देने वाले दस्तावेज़ भी पाए गए है। ईडी ने कहा है कि मामले की जांच जारी है।
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