सर्दियों के मौसम में गीजर घरेलू जरूरतों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाते हैं। चाहे हाथ-मुंह धोना हो या नहाना, गर्म पानी की उपलब्धता जीवन को सहज बना देती है। लेकिन इसी सुविधा के साथ छिपा हुआ खतरा भी आता है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। ताज़ा विशेषज्ञ रिपोर्टों के अनुसार, गीजर के गलत प्रयोग से दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे में उपयोगकर्ताओं को कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां अपनाना आवश्यक है।
सबसे पहली और प्रमुख सलाह है कि गीजर की नियमित सर्विसिंग कराई जाए। कई लोग अपने पानी गर्म करने वाले उपकरण की देखभाल पर ध्यान नहीं देते, जिससे अंदर जमा कैल्शियम और मैग्नीशियम का स्केल हीटिंग कॉइल पर असर डालने लगता है। इससे न केवल बिजली की खपत बढ़ती है बल्कि गीजर में खराबी और सुरक्षा जोखिम भी पैदा होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हर छह महीने में सर्विसिंग करवाना अनिवार्य है।
दूसरी महत्वपूर्ण बात है तापमान नियंत्रित रखना। अक्सर लोग गीजर को हाई-टेम्परेचर मोड पर रखकर भूल जाते हैं, जिससे पानी अत्यधिक गर्म हो जाता है। कई दुर्घटनाएं ऐसे ही जलने के मामलों से जुड़ी होती हैं। सलाह दी जाती है कि गीजर का तापमान 45–55 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें। यह स्तर नहाने के लिए सुरक्षित और आरामदायक माना जाता है।
तीसरी और अत्यंत महत्वपूर्ण सावधानी है गीजर को बहुत देर तक चालू न रखना। कई लोग गीजर चालू करके दूसरे कामों में व्यस्त हो जाते हैं। इससे उपकरण पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और ओवरहीटिंग का खतरा बढ़ जाता है। कई घटनाओं में ओवरहीटिंग से गीजर फटने तक की नौबत आ चुकी है। ऐसे में पानी का उपयोग करने से 5–10 मिनट पहले ही गीजर चालू करना सुरक्षित रहता है।
चौथी गलती जो आमतौर पर लोग करते हैं, वह है गीजर और बिजली के स्विच को गीले हाथों से छूना। बाथरूम में नमी पहले से मौजूद होती है, ऐसे में बिजली का संपर्क गंभीर हादसों को जन्म दे सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गीजर का स्विच हमेशा बाथरूम के बाहर होना चाहिए और उसे सूखे हाथों से ही संचालित करना चाहिए।
इसके अलावा, गैस गीजर का उपयोग करते हुए वेंटिलेशन का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। बंद बाथरूम में गैस गीजर चलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर बढ़ सकता है, जो बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। यह गैस बिना गंध वाली होती है और किसी को भी अचानक चक्कर या बेहोशी जैसा महसूस हो सकता है। इसलिए गैस गीजर का उपयोग केवल अच्छी वेंटिलेशन वाले स्थानों पर ही करना चाहिए।
यह भी पढ़ें:
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check