दिव्यकृति सिंह ने इक्वेस्ट्रियन में प्रतिष्ठित अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित होने वाली देश की पहली महिला के रूप में भारतीय खेल के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया है। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में दिव्यकृति सिंह को प्रतिष्ठित अर्जुन अवॉर्ड प्रदान कर सम्मानित किया, जो इक्वेस्ट्रियन में एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
यह घोषणा न केवल दिव्यकृति के लिए बल्कि उनके गृह राज्य राजस्थान के लिए भी गर्व का क्षण है, क्योंकि वह वर्तमान वर्ष में अर्जुन अवॉर्ड प्राप्त करने वाली क्षेत्र की एकमात्र प्रतिनिधि हैं। यही नहीं, बल्कि दिव्यकृति पिछले पांच वर्षों में अर्जुन अवॉर्ड पाने वाली राजस्थान की एकमात्र महिला हैं। राजस्थान के आखिरी एथलीट को 2018 में अर्जुन अवॉर्ड मिला था। वह इक्वेस्ट्रियन में एशियाई खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला भी हैं।
उत्साहित दिव्यकृति ने कहा कि देश की राष्ट्रपति से सम्मान और पुरस्कार प्राप्त करना इक्वेस्ट्रियन खेल और उनके साथियों, घोड़ों के लिए बेहद गर्व का क्षण है। यह एक सुखद अनुभव है, और इसके लिए मैं अपने परिवार और अपने घोड़ों के प्रति आभार व्यक्त करती हूं, जिनके सहयोग से यह उपलब्धि हासिल करने में मदद मिली।द पैलेस स्कूल, जयपुर और अजमेर में मेयो कॉलेज गर्ल्स स्कूल की पूर्व छात्रा दिव्यकृति पिछले तीन वर्षों से जर्मनी में हेगन के प्रसिद्ध हॉफ कैसलमैन ड्रेसाज यार्ड में प्रशिक्षण ले रही हैं।
गौरतलब है कि दिव्यकृति सितंबर में चीन के हांगझू में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय ड्रेसाज टीम का हिस्सा थीं। इसके बाद उन्होंने पिछले महीने सऊदी अरब के रियाद में अंतर्राष्ट्रीय ड्रेसाज प्रतियोगिता में एक व्यक्तिगत रजत और दो कांस्य पदक जीते, जिसमें विश्वभर के राइडर्स के साथ कड़ी अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के बीच अपने एशियाई खेलों के स्कोर में सुधार करते हुए अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाए।
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