उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में गैस अथॉरिटी आफ इंडिया लिमिटेड (गेल) का परियोजना अधिकारी बनकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक बर्खास्त लेखपाल को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने इसकी जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने सोमवार को बताया कि हरदोई जिले के शाहाबाद कस्बे का रहने वाला रामनरेश शुक्ला लेखपाल था और फर्जी तरीके से जमीन दूसरे के नाम करने पर उसे साल 2012 में इसे बर्खास्त कर दिया गया था। उसके बाद उसने ठगी का जाल फैलाते हुए अपने को गेल इंडिया लिमिटेड का परियोजना अधिकारी बताकर शाहजहांपुर के निगोही में अपना कार्यालय खोल लिया।
उन्होंने बताया कि शुक्ला ने लाखों रुपये लेकर 18 लोगों को अपने दफ्तर में विभिन्न पदों पर नौकरी दी थी। वह लोगों को फर्जी तरीके से गैस पाइप लाइन के सर्वे का काम देता था ताकि कर्मचारियों को लगे कि वे गेल में नौकरी कर रहे हैं। शुक्ला ने हाल ही में गैस पाइप लाइन बिछाने को लेकर 3200 करोड़ का एक जाली टेंडर निकाला था जिसे हासिल करने के लिये तीन लाख रुपये पंजीकरण शुल्क और नौ करोड़ रुपये की जमानत राशि जमा करने की बात कही गई थी।
मीणा ने बताया कि कुछ लोग वह टेंडर हासिल करने के लिये शुक्ला के दफ्तर भी गये थे मगर उन्हें कुछ शक हुआ तो उन्होंने निगोही थाने पहुंचकर पूरी बात बताई। उसके बाद पुलिस ने शुक्ला से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह गेल इंडिया का कर्मचारी नहीं है। इससे पूर्व भी वह हरदोई में छह करोड़ रुपये की ठगी के आरोप में जेल जा चुका है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपी रामनरेश शुक्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
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