जिले में दो दिन पहले बारसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत घोटिया चौक के पास एक युवक की लाश मिली थी, जिसकी शिनाख्त चैनु कश्यप के रूप में हुई थी। इस युवक की हत्या पर संशय बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि पारिवारिक विवाद में आपसी रंजिश में हत्या की आशंका है, जबकि नक्सलियों की तरफ से जारी किए गए एक और पर्चे में कहा गया है कि यह एसपी और थानेदार का मुखबिर था, इसलिए हमने मार डाला। नक्सलियों जारी पर्चे में कहा है कि युवक गोपनीय सैनिक बनकर काम कर रहा था।
बारसूर थाना क्षेत्र के घोटिया चौक के पास मिले युवक चैनु कश्यप की हत्या के मामले में अब नक्सलियों की पूर्व बस्तर डिवीजन कमेटी ने एक और पर्चा जारी किया है। नीली स्याही से लिखे पर्चे में नक्सलियों ने युवक को पुलिस का मुखबिर बताया है। नक्सलियों ने कहा है कि चैनु कश्यप दंतेवाड़ा के एसपी और बारसूर के थानेदार के कहने पर गोपनीय सैनिक बन गया था। यह उनके लिए काम करता था। जिसके बाद पीपुल्स लिबरेशन गोरिल्ला आर्मी ने इसे मौत की सजा दे दी।
उल्लेखनीय है कि युवक चैनु कश्यप का शव मिलने के बाद पुलिस की तरफ से भी एक बयान आया था। जिसमें कहा गया कि इसका इसके परिवार के साथ विवाद चल रहा था। इसी वजह से आपसी रंजिश में हत्या की आशंका है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। युवक की हत्या कैसे हुई, इस पर अब भी संशय बना हुआ है।
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