26 सितंबर 1962 के दिन मुंबई में जन्मे चंकी पांडे का असली नाम सुयश पांडे है. फिल्मी दुनिया के लोग उन्हें प्यार से चंकी पुकारने लगे, जो उनके असली नाम से ज्यादा मशहूर हो गया. चंकी पांडे ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म आग ही आग से की थी. इसके बाद उन्होंने बड़े पर्दे पर अपनी अदाकारी से ऐसी आग लगाई कि हर कोई उनका दीवाना बन गया. बर्थडे स्पेशल में हम आपको चंकी पांडे की जिंदगी के चंद किस्सों से रूबरू करा रहे हैं.
हंसाने से लेकर डराने तक में माहिर
गौर करने वाली बात यह है कि चंकी पांडे ने शुरुआती करियर में कॉमिक किरदार निभाए. इसके अलावा कई बार वह इतने खतरनाक विलेन बने कि उन्हें देखने वालों की रूह कांप उठी. यकीन न हो तो साल 2017 में रिलीज हुई फिल्म बेगम जान के उस गुंडे पर गौर फरमा लीजिए, जो विद्या बालन की कोठी खाली कराने का ठेका लेता है. यकीन मानिए इस किरदार में चंकी पांडे को देखकर आपके भी होश फाख्ता हो जाएंगे. इसके अलावा अभय 2, साहो, कयामत: सिटी अंडर थ्रेट और प्रस्थानम आदि फिल्मों में भी चंकी पांडे ने नेगेटिव किरदार निभाकर तारीफ बटोरी थी.
एक्टर बनने से पहले थे दो रॉक बैंड का हिस्सा
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि एक्टर बनने से पहले चंकी पांडे दो रॉक बैंड का हिस्सा रह चुके थे. दरअसल, उन्होंने सबसे पहले क्रॉस विंड्स नाम का रॉक बैंड जॉइन किया था. इसके बाद वह दिल्ली के रॉक बैंड इलेक्ट्रिक प्लांट से जुड़ गए. इस बैंड के साथ मिलकर चंकी पांडे ने डायर स्ट्रेट्स के गाने सुल्तान्स ऑफ स्विंग का कवर वर्जन गाया था.
बांग्लादेशी फिल्मों के ‘शाहरुख’ हैं चंकी पांडे
आप यह बात जानकर हैरान रह जाएंगे कि बॉलीवुड की फिल्मों में भले ही चंकी पांडे सपोर्टिंग रोल्स में नजर आए, लेकिन बांग्लादेशी फिल्मों के शाहरुख खान कहे जाते हैं. दरअसल, साल 1995 के दौरान जब चंकी पांडे एक होटल में पार्टी कर रहे थे, उस दौरान वॉशरूम में उन्हें पहली बांग्लादेशी फिल्म का ऑफर मिला. यह फिल्म सुपरहिट रही और इसके बाद चंकी पांडे के पास बांग्लादेशी फिल्मों की लाइन लग गई. चंकी पांडे की फिल्में बांग्लादेश में ईद के मौके पर रिलीज होती थीं.
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