केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने विभिन्न मुद्दों को लेकर राज्य के प्रति केंद्र के कथित ‘उपेक्षित रवैये’ पर चर्चा के लिए विपक्षी ‘संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा’ (यूडीएफ) के नेता वी.डी. सतीसन और पी.के. कुन्हालीकुट्टी को आमंत्रित किया है।मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक बयान में कहा कि विजयन 15 जनवरी को राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सतीसन और उपनेता (प्रतिपक्ष) कुन्हालीकुट्टी के साथ बातचीत करेंगे।
सीएमओ के बयान के अनुसार, इस दौरान राज्य के प्रति केंद्र सरकार के कथित उपेक्षित रवैये और गलत दृष्टिकोण को लेकर चर्चा की जाएगी।वामपंथी सरकार पहले ही केंद्र द्वारा उठाये गये ”असंवैधानिक और अवैध” कदमों के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख कर चुकी है। वामपंथी सरकार का कहना है कि केंद्र के इन कदमों ने इस दक्षिणी राज्य को गंभीर वित्तीय संकट में डाल दिया है।
राज्य सरकार का कहना है वह केंद्र को अपना ‘भेदभावपूर्ण’ रवैया बंद करने के लिए कई बार पत्र लिख चुकी है। इसके बावजूद केंद्र ने अपनी ”प्रतिशोधात्मक कार्रवाई” तेज कर दी हैं, जिससे केरल का अस्तित्व खतरे में आ गया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लोकसभा चुनाव से पहले केरल में अपना आधार बढ़ाने के लिए नये सिरे से कोशिश करने में लगी है और ऐसा कहा जा रहा है कि इसके मद्देनजर ही मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाली वाम लोकतान्त्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार ने यह कदम उठाया है। हालांकि, यूडीएफ नेताओं ने मुख्यमंत्री के निमंत्रण का जवाब नहीं दिया है।
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