दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों द्वारा दायर यौन उत्पीड़न मामले में भाजपा सांसद और पूर्व डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृजभूषण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप तय किए।कोर्ट ने पांच महिला पहलवानों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है.बृजभूषण सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों के यौन उत्पीडन मामले में तय आरोपों पर 21 मई को बहस होगी. इन आरोपों में यौन उत्पीड़न का आरोप गैरजमानती है, इसमें पांच साल की सजा है.
भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं. महिला पहलवान यौन शोषण मामले में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है.कोर्ट ने कहा कि 6 में से 5 मामलों में बृजभूषण सिंह के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री मिली है.कोर्ट ने बृजभूषण के खिलाफ धारा 354 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक 354-D और धारा 506 के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया. जबकि उन्हें छठे मामले में बरी कर दिया गया है.
गौरतलब है कि विश्व चैम्पियनशिप पदक विजेता विनेश फोगाट देश और दो अन्य पहलवानों ने डब्ल्यूएफआई के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था और उनके खिलाफ प्रदर्शन किया था. वहीं, दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ मामला दर्ज किया था, लेकिन जुलाई में स्थानीय अदालत से बृजभूषण को जमानत मिल गई थी.
भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक पहलवान को मंच पर ही थप्पड़ जड़ दिया था. बताया जाता है कि उस पहलवान की उम्र ज्यादा थी। पहलवान बृजभूषण सिंह के कॉलेज के नाम पर प्रतियोगिता में शामिल होना चाहता था. मंच पर आग बबूला बृजभूषण सिंह ने एकदम थप्पड़ जड़ दिया था. जो वीडिया सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी. भारतीय दंड संहिता के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति किसी महिला पर हमला करता है या उसकी लज्जा भंग करने के लिए मजबूर करता है तो उस पर आईपीसी की धारा 354 लगाई जाती है। जिसके तहत आरोपी पर दोष साबित होने पर उसे दो साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है.
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