अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के एक शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एक सिख अलगाववादी नेता की हत्या के प्रयास से संबंधित आरोपों सहित विभिन्न द्विपक्षीय मामलों पर बातचीत के लिए नयी दिल्ली में हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस ने यह जानकारी दी।
व्हाइट हाउस ने बताया कि प्रधान उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन फाइनर ने भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार विक्रम मिस्री के साथ महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकी (आईसीईटी) पर महत्वाकांक्षी अमेरिकी-भारत पहल में हुई प्रगति की समीक्षा करने के लिए चार दिसंबर को नयी दिल्ली में एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। व्हाइट हाउस ने कहा कि आईसीईटी अमेरिका-भारत साझेदारी में एक प्रमुख मील का पत्थर है, जिसे रणनीतिक सुरक्षा और प्रौद्योगिकी सहयोग के रूप में परिभाषित किया जा रहा है।
इसमें कहा गया है कि फाइनर ने व्यापक हिंद महासागर क्षेत्र सहित हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समन्वय बढ़ाने के उद्देश्य से गहन चर्चा के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश सचिव विनय क्वात्रा के साथ द्विपक्षीय और क्षेत्रीय विचार-विमर्श किया। उन्होंने पश्चिम एशिया से जुड़े मामलों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने लाल सागर में वाणिज्यिक पोतों पर हुए हालिया हमलों और वाणिज्यिक नौवहन की स्वतंत्रता की सुरक्षा के महत्व तथा गाजा में जारी संघर्ष मामलों पर चर्चा की।
व्हाइट हाउस ने कहा, ”फाइनर ने अमेरिका में घातक साजिश की जांच के लिए भारत द्वारा एक जांच समिति का गठन किए जाने और जिम्मेदार पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को जवाबदेह ठहराने के महत्व को स्वीकारा।” भारत ने अमेरिका द्वारा एक भारतीय अधिकारी को सिख चरमपंथी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने के आरोपी व्यक्ति से जोड़ने को “चिंता का विषय” बताया था।
भारत ने संबंधित आरोपों की जांच के लिए एक जांच दल का गठन किया है और कहा कि आगे के कदम आरोपों की जांच कर रहे दल के निष्कर्षों के आधार पर उठाए जाएंगे। अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने बुधवार को 52 वर्षीय निखिल गुप्ता पर पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश में एक भारतीय सरकारी कर्मचारी के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया।
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check