सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रदेश में अटल आवासीय विद्यालय योजना की शुरुआत की है। इस मौके पर एक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें शिक्षक, नवनियुक्त प्रधानाचार्य और बच्चों से उन्होंने संवाद किया। सीएम ने बच्चों को एडमिशन किट भी बांटे।
सीएम योगी ने कहा कि स्वर्गीय अटल जी कहते थे कि दुनिया में कोई छोटा बड़ा नहीं होता, हमें आदमी को इंसानियत की नजर से देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का सपना भी अटल आवासीय विद्यालय के माध्यम से साकार हो रहा है। सीएम योगी ने कहा कि अंत्योदय के प्रणेता के रूप में उपाध्याय जी कहते थे कि समृद्धि का मानक सबसे ऊपर के पायदान का व्यक्ति नहीं बल्कि समाज के सबसे निचले पायदान पर बैठे व्यक्ति को माना जाना चाहिए।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश की 18 कमिश्नरी में प्रथम चरण के अंतर्गत एक -एक आवासीय विद्यालय खोले जा रहे हैं। जहाँ बच्चों के सर्वांगीण विकास को लेकर उन्हें शिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से इस योजना के दूसरे चरण में शेष 57 जनपदों में भी आवासीय विद्यालय खोले जाएंगे। सीएम ने कहा कि श्रमिक राष्ट्र का निर्माता है और उनके बच्चों को सही शिक्षा देना हमारा दायित्व है।
सीएम ने कहा कि पीएम मोदी की प्रेरणा से शुरू अटल आवासीय विद्यालय में कक्षा 6 से लेकर 12 तक विद्यार्थियों को मुफ्त आवासीय और भोजन की सुविधा के साथ सीबीएसई पैटर्न पर शिक्षित किया जाएगा। इन विद्यालयों में पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों के आलावा कोरोना काल में अपने अभिभावकों को खो चुके बच्चों को प्रवेश दिया जायेगा।सीएम योगी ने अपने सम्बोधन में शिक्षकों से कहा कि आपके ऊपर बड़ी जिम्मेदारी है।
नई राष्ट्रिय शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करने की वश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्कूल में लाइब्रेरी की सुविधा होनी चाहिए। साथ ही समय -समय पर प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को देश और समाज के प्रति उनका उत्तरदायित्व का बोध भी आपको कराना होगा।सीएम ने कहा कि मुफ्त मिलने वाली सरकारी सुविधाओं का दुरूपयोग नहीं करने की शिक्षा भी आपके जरिये ही बच्चों को दी जानी चाहिए। और ऐसा तभी संभव है जब उसे हम सब अपने आचरण में ढाल लें।
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