भारतीय सेना का अनोखा कदम: बॉर्डर पर पुल बना स्थानीय महिलाओं का ‘ब्रू कैफ़े’!

**भारतीय सेना** ने **ऑपरेशन सद्भावना** के तहत, अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले के **ज़ेमिथंग** गाँव में एक अनोखे **‘बॉर्डर ब्रू कैफे’** का उद्घाटन किया है। यह कैफे, जो खूबसूरत **न्यामजंग चू** नदी के ऊपर बने एक पुराने **बेली ब्रिज** पर बनाया गया है, पुरानी विरासत को आधुनिक उपयोगिता के साथ जोड़ता है। अपनी शानदार जगह और अनोखे आइडिया की वजह से यह कैफे सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया है।

भारत-चीन सीमा के पास, तवांग के दूरदराज इलाके में स्थित इस कैफे को सेना की **गजराज कोर** और स्थानीय लोगों के आपसी सहयोग से, रिकॉर्ड **31 दिनों** में तैयार किया गया है। इसका पूरा प्रबंधन **मोनपा** आदिवासी समुदाय की महिलाएँ करती हैं। इसका मकसद एक तरफ पर्यावरण-पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय संस्कृति, रीति-रिवाजों और मेहमाननवाज़ी को दुनिया के सामने लाना है, तो दूसरी तरफ लोगों के लिए रोज़ी-रोटी के स्थायी मौके पैदा करना है।

इस नए प्रोजेक्ट के तहत, एक पुराने पुल को एक खूबसूरत कैफे में बदल दिया गया है। यहाँ से नीचे बहती नदी और आस-पास के हिमालयी नज़ारों का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है। उम्मीद है कि तवांग शहर से लगभग 70 किलोमीटर दूर, अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों की सैर करने वाले पर्यटकों और यात्रियों के लिए यह कैफे एक पसंदीदा पड़ाव बन जाएगा।

**ऑपरेशन सद्भावना** का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती इलाकों में लोगों के बीच आपसी सद्भाव बढ़ाना, सेना और आम लोगों के रिश्तों को मज़बूत करना और सामाजिक-आर्थिक विकास में मदद करना है। इस उद्घाटन समारोह में स्थानीय लोगों, गणमान्य व्यक्तियों और सेना के जवानों ने बड़े उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

इसी से जुड़ी एक और पहल के तहत, मार्च 2026 में भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश के **मेंचुका** (मेचुका) में **एक महीने का बेकरी प्रशिक्षण कार्यक्रम** आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में लगभग **15 स्थानीय महिलाओं** को ब्रेड बनाने, केक तैयार करने, पेस्ट्री बनाने और खाने-पीने की चीज़ों को साफ-सफाई से बनाने जैसे व्यावहारिक कौशल सिखाए गए। इस कौशल-विकास कार्यक्रम का मकसद सीमावर्ती इलाकों के दूरदराज क्षेत्रों में लोगों को आत्मनिर्भर बनाना और उनके लिए रोज़ी-रोटी के ज़्यादा मौके पैदा करना है।

ये दोनों पहलें इस बात का सबूत हैं कि भारतीय सेना पूर्वोत्तर के संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में लोगों को सशक्त बनाने, टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने और आम नागरिकों के साथ मज़बूत रिश्ते बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

पुल के ऊपर बने इस कैफे में, न्यामजंग चू नदी के प्राकृतिक माहौल के बीच मेहमानों की मेहमाननवाज़ी करती मोनपा समुदाय की महिलाओं के वीडियो और तस्वीरें, ऑनलाइन लोगों से लगातार खूब तारीफ़ें बटोर रही हैं।