ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इस जंग में अब अमेरिका ने भी सीधी एंट्री ले ली है। शनिवार देर रात अमेरिका ने ईरान की तीन परमाणु ठिकानों—फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर बंकर बस्टर बमों से हमला किया है।
इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई है। वहीं अब फ्रांस का आधिकारिक बयान भी सामने आया है, जिसमें उसने खुद को इस कार्रवाई से पूरी तरह अलग बताया है।
🇫🇷 फ्रांस बोला – “हम इस हमले में शामिल नहीं हैं”
रविवार, 22 जून को फ्रांसीसी विदेश मंत्री जे. नोएल बरोट ने साफ-साफ कहा कि ईरान के खिलाफ हुई इस अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में फ्रांस का कोई हाथ नहीं है।
बरोट ने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए बताया कि,
“फ्रांस को ईरान पर हुए अमेरिकी हमले की जानकारी मिली है जो बेहद चिंताजनक है। हम इस हमले में शामिल नहीं थे और ना ही ऐसा कोई इरादा है।”
🤝 संयम बरतें दोनों पक्ष – फ्रांस
फ्रांसीसी मंत्री ने दोनों पक्षों—ईरान और अमेरिका—से संयम बरतने की अपील की है ताकि क्षेत्र में तनाव और अधिक न बढ़े। उन्होंने कहा कि
“स्थायी समाधान के लिए परमाणु अप्रसार संधि के तहत बातचीत होनी चाहिए।”
💣 अमेरिका ने की बड़ी कार्रवाई, ट्रंप ने दी जानकारी
ईरान-इजराइल तनाव के बीच अमेरिका ने शनिवार रात को बड़ी सैन्य कार्रवाई की, जिसमें ईरान की तीन अहम न्यूक्लियर साइट्स—फोर्डो, नतांज और इस्फहान को टारगेट किया गया।
इस हमले की जानकारी खुद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा की। इसके तुरंत बाद इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए ट्रंप को बधाई दी।
🔥 क्या बढ़ेगा वर्ल्ड वॉर का खतरा?
इस हमले के बाद अब सवाल ये उठता है कि क्या यह मामला वर्ल्ड वॉर जैसी स्थिति की ओर बढ़ रहा है? दुनिया भर की निगाहें अब ईरान की प्रतिक्रिया और वैश्विक नेताओं की रणनीति पर टिकी हैं।
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