गाजियाबाद में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में एक कुख्यात अपराधी मारा गया जिस पर लूट के एक मामले में 25,000 रुपये का नकद इनाम घोषित था। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।एक ऑटो रिक्शा में जा रही कंप्यूटर साइंस की प्रथम वर्ष की छात्रा कीर्ति सिंह (19) से उसका फोन छीनने के प्रयास में बदमाशों ने उसे शुक्रवार को रिक्शा से बाहर खींच लिया था जिससे वह डिवाइडर पर जा गिरी और घायल हो गई थी। उसके सिर में गंभीर चोट आई थी।
गाजियाबाद के डीसीपी विवेक चंद यादव ने कहा कि छात्रा वेंटिलेटर पर थी और रविवार की रात उसकी मृत्यु हो गई। ड्यूटी में लापरवाही करने के लिए मसूरी थाना के एसएचओ रवींद्र चंद पंत को निलंबित कर दिया गया है और दो उप निरीक्षकों- तनवीर आलम और पुनीत सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
पुलिस ने कहा कि रविवार को देर रात मसूरी पुलिस थाना अंतर्गत गंगनहर ट्रैक के पास पुलिस वाहनों की जांच कर रही थी। उसी समय मोटरसाइकिल पर सवार दो लोग आए जिन्हें रुकने को कहा गया, लेकिन वे भागने लगे और पुलिस पर गोली चलाई जिससे एक उप निरीक्षक घायल हो गए।
उन्होंने कहा कि जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश घायल हुआ, जबकि दूसरा भाग निकला। घायल को अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मृतक की पहचान जितेंद्र उर्फ जीतू के रूप में हुई है और उसके खिलाफ 12 मामले दर्ज हैं। वर्ष 2020 में उसके खिलाफ गैंगस्टर कानून के तहत भी एक मामला दर्ज किया गया था।
गत 27 अक्टूबर को एक छात्रा के साथ लूट का मामला इसी पुलिस थाना क्षेत्र में हुआ था जिसमें जीतू और उसका साथी शामिल थे। इस मामले में फरार जीतू पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित था।
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