लोकसभा के लिए सात चरणों में चुनाव संपन्न हो चुके हैं। 97 करोड़ मतदाताओं ने 543 लोकसभा सीटों पर चुनावी मैदान में उतरे हजारों प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला आने में मात्र चंद घंटे बचे है इनमें से गुजरात की सूरत लोकसभा सीट छोड़कर 542 सीटों का फैसला कल यानी 4 जून 2024 को आएगा।चुनाव आयोग के मुताबिक, मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू होगी। हालांकि, किसी विशेष परिस्थिति में समय में बदलाव भी किया जा सकता है।ऐसे में सभी के मन में यह सवाल आता है कि इतनी बड़ी संख्या में वोटों की गिनती कौन करता है और यह कैसे किया जाता है?
बता दे की वोटों की गिनती के लिए चुनाव आयोग (ECI) की ओर से रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति की जाती हैजो कल यानी 4 जून को पारदर्शिता के साथ बिना किसी बाधा के मतगणना कराएंगे। लोकसभा चुनाव में वोटों की गिनती रिटर्निंग ऑफिसर (RO) और सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (AROS) की देखरेख में किसी बड़े हॉल में होती है। इनके अलावा, चुनाव आयोग की ओर से एक वरिष्ठ अधिकारी को पर्यवेक्षक के तौर पर तैनात किया जाता है।वोटों की गिनती शुरू करने से पहले रिटर्निंग ऑफिसर और असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर मतों की गोपनीयता बनाए रखने की शपथ लेंगे। मतगणना शुरू होने से पहले जोर-जोर से बोलकर शपथ लेते हैं।चुनाव आयोग के मुताबिक, मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू होगी। हालांकि, किसी विशेष परिस्थिति में समय में बदलाव भी किया जा सकता है। सबसे पहले बैलेट पेपर और इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट सिस्टम ( ETPBS) के जरिए डाले गए वोटों की गणना होगी।
बता दें कि आमतौर पर बैलेट पेपर व ईटीपीबीएस के जरिए चुनाव ड्यूटी में तैनात सरकारी कर्मचारी, सैनिक, देश के बाहर सेवारत सरकारी अधिकारी, बुजुर्ग मतदाता व प्रिवेंटिव डिटेंशन में रहने वाले लोग मतदान करते हैं। इन वोटों को गिनने में करीब आधे घंटे का समय लग जाता है।सुबह 8-30 बजे के बाद सभी टेबलों पर एक साथ EVM के वोटों की गिनती शुरू होती है। हॉल में एक राउंड में 14 ईवीएम के वोटों की गिनती की जाती है।
मतगणना केंद्र पर मौजूद रिटर्निंग ऑफिसर प्रत्येक राउंड की गिनती के बाद रिजल्ट का एलान करते हैं। साथ ही इसे चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी अपडेट किया जाता है। मतों की गिनती का पहला रुझान सुबह 9 बजे से आना शुरू हो जाएगा।
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