केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत की लॉजिस्टिक्स लागत अगले पांच वर्ष में घटकर एकल अंक में आ जाएगी।
यहां ‘डेलॉयट गवर्नमेंट समिट’ में गडकरी ने कहा कि मंत्रालय कई राजमार्गों तथा एक्सप्रेसवे का निर्माण कर रहा है। इससे भारत की लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि पांच वर्षों के भीतर हमारी लॉजिस्टिक्स लागत एकल अंक में आ जाएगी।’’
हालांकि, आर्थिक शोध संस्थान ‘टैंक नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च’ (एनसीएईआर) के अनुमान के अनुसार, भारत में लॉजिस्टिक्स लागत 2021-22 में सकल घरेलू उत्पाद के 7.8 प्रतिशत से 8.9 प्रतिशत के बीच थी।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य भारतीय मोटर वाहन उद्योग को विश्व में नंबर एक बनाना है। उन्होंने कहा कि भारत पिछले वर्ष जापान को पीछे छोड़कर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मोटर वाहन बाजार बन गया था और केवल अमेरिका तथा चीन से पीछे था।
गडकरी ने कहा कि भारत के मोटर वाहन उद्योग का आकार 2014 में 7.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2024 में 22 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। भारत की व्यापक अर्थव्यवस्था पर मंत्री ने कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम किसानों की क्रय शक्ति बढ़ा सकें, तो इसका हमारी अर्थव्यवस्था पर बड़ा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।’’
गडकरी ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत को अपना निर्यात बढ़ाने और आयात कम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘स्मार्ट शहरों की तरह स्मार्ट गांव भी आर्थिक रूप से व्यवहार्य हैं।’’ मंत्री ने कहा कि किसी भी संगठन में वित्तीय लेखापरीक्षा की तुलना में निष्पादन लेखापरीक्षा अधिक महत्वपूर्ण है।
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