अक्सर आपने टांग के निचले हिस्से यानी पिंडली में दर्द (Calf Pain) महसूस किया होगा। आमतौर पर यह दर्द मांसपेशियों में ऐंठन या खिंचाव के कारण उत्पन्न होता है लेकिन इस दर्द के पीछे कई कारण और भी हैं, जिनके चलते दर्द शुरू हो जाता है। कुछ लोगों को दर्द के साथ अकड़न भी महसूस होती है। डॉक्टर्स को जब लक्षण समझ नहीं आते तो वे इसके पीछे की वजह को जानने के लिए खून टेस्ट या अल्ट्रासाउंड स्कैन करवाने की सलाह देते हैं। वहीं अगर दर्द मामूली है तो थेरेपी या बर्फ से सिकाई आदि के माध्यम से भी ये दर्द ठीक हो जाता है। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से इन्हीं बिंदुओं पर प्रकाश के बारे में बताएंगे। हम आपको बताएंगे कि पिंडली में दर्द के क्या कारण (Causes of Calf Pain) हैं? साथ ही हम लक्षण और बचाव भी जानेंगे। पढ़ते हैं आगे…
बता दें कि पिंडली में दर्द के चलते अक्सर लोगों को दौड़ने, कूदने या भागने में परेशानी होती है। वहीं इस दर्द के कारण लोगों को पिंडली में भारीपन भी महसूस होता है। इस दर्द के पीछे भिन्न कारण हो सकते हैं कभी-कभी आहार में बदलाव के कारण पिंडली में ऐंठन आ जाती है तो कभी किसी चोट के कारण मांसपेशियां क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जिसके कारण सूजन महसूस होती है।
पिंडली में दर्द के कारण
निम्न कारणों के चलते पिंडली में दर्द शुरू हो सकता है
1 – मांसपेशियों में ऐंठन के कारण-जब ज्यादा दर्द पैदा हो जाता है तो उस स्थिति को मांसपेशियों में ऐंठन कहते हैं। यह स्थिति थोड़े समय के लिए रहती है लेकिन इस स्थिति में घबराना नहीं चाहिए क्योंकि यह एक आम समस्या है। अक्सर ज्यादा एक्सरसाइज करने, भागने, दौड़ने आदि के कारण समस्या उत्पन्न हो जाती है।
2 – नील पड़ने के कारण यानी कन्टयूजन- शरीर पर नील तब पड़ता है जब चोट लगती है या खाल कुचल जाती है। इसके कारण कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं इसलिए त्वचा का रंग नीला पड़ने लगता है। यह नील भी अपने आप ठीक हो जाता है और दर्द भी कुछ दिनों में चला जाता है।
3 – डायबिटीक पेरीफेरल न्यूरोपैथी- डायबिटीक पेरीफेरल न्यूरोपैथी जैसी स्थिति तब पैदा होती है जब नसों पर प्रभाव पड़ता है। इनके क्षतिग्रस्त होने पर हाथ, पैर, टांग आदि में दर्द उत्पन्न हो जाता है पिंडली का दर्द भी इसी में शामिल है।
4 – साइटिका- मांसपेशियों को नियंत्रित करने वाली नस जब प्रभावित होती है तो साइटिका रोग पैदा होता है ये नस टांग के निचले हिस्से में घुटने के पीछे पाई जाती है। यह दर्द मांसपेशियों को भी प्रभावित करता है, जिसके कारण पिंडली का हिस्सा सुन्न पड़ जाता है और कई लोगों को इलाज के लिए सर्जरी भी करवानी पड़ती है।
5 – डीप वेन थ्रांबोसिस- जब किसी गहरी नस में खून का थक्का जमता है ये नस टांग की, पिंडली की या बाहं की हो सकती हैं तो इस स्थिति को डीप वेन थ्रांबोसिस यानी डीवीटी कहते हैं। ये अत्यधिक धूम्रपान करने कारण हो सकता है।
6 – मांसपेशियों में खिंचाव के कारण- आमतौर पर मांसपेशी में थकान या उनके अधिक उपयोग होने के कारण भी दर्द महसूस होता है। इसके अलावा तैराकी करने, साइकिल चलाने या वजन उठाने के कारण भी दर्द हो सकता है।
पिंडली में दर्द के लक्षण
पिंडली में दर्द के निम्न लक्षण हैं-
1 – नील पड़ना
2 – अकड़न महसूस करना
3 – आस-पास सूजन हो जाना
4 – पिंडली में कमजोरी या दर्द महसूस करना।
पिंडली में दर्द के लक्षण
पिंडली में दर्द के निम्न लक्षण हैं-
1 – जूते चप्पलों का सही चुनाव- बता दें कि अपने लिए जब भी जूते चप्पलों का चुनाव करें तो ऐसे जूते चप्पल खरीदें जो आपके पैरों में एकदम फिट हो जाएं। ज्यादा छोटे या बड़े जूते खरीदने से पिंडली पर ज्यादा प्रभाव पड़ सकता है और दर्द शुरू हो सकता है। ये दर्द तब तक ठीत नहीं होता जब तक पिंडली पर प्रभाव पड़ना बंद न हो जाए।
2 – शरीर को गतिशील रखकर- रोजाना सुबह उठकर नियमित रूप से व्यायाम और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से पिंडली समेत शरीर की हर मांसपेशियों में गतिशीलता आती है। ऐसे में इस आदत को अपनी दिनचर्या में जोड़ें।
3 – शरीर में पानी की कमी को पूरा करें- अगर शरीर में पानी की मात्रा कम होगी तो पिंडली में दर्द होना स्वभाविक है ऐसे में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और मांसपेशियों की ऐंठन को दूर करें।
4 – स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज के माध्यम से- अगर मांसपेशियों को स्ट्रेच किया जाए तो पिंडली के दर्द को दूर किया जा सकता है। ऐसे में एक्सरसाइज करने से न केवल पिंडली की मांसपेशियों में मजबूती आती है बल्कि दर्द भी खत्म होता है।
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