इजरायल के साथ तनाव के बीच ईरान भी अपने परमाणु शस्त्रागार को मजबूत कर रहा है। हथियार विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान ने उसके सभी प्रांतों में उसने जमीन के नीचे मिसाइल रखे हुए और वह नई पीढ़ी के भयानक हथियार बनाने की दिशा में काम कर रहा है. साथ ही कहा जा रहा है कि परमाणु संपन्न देश बनने के बहुत करीब पहुंच चुका हैं.
परमाणु हथियारों और मिसाइलों को लेकर दुनिया बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। इजरायल के साथ तनाव के बीच ईरान भी अपने परमाणु शस्त्रागार को मजबूत कर रहा है। ऐसे में हथियार विशेषज्ञों से मिली जानकारी यह है कि ईरान ने अपना परमाणु कार्यक्रम इतना विकसित कर लिया है कि वह छह महीने में एक बम बना सकता है।हथियार विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान ने उसके सभी प्रांतों में उसने जमीन के नीचे मिसाइल रखे हुए और वह नई पीढ़ी के भयानक हथियार बनाने की दिशा में काम कर रहा है.
साथ ही कहा जा रहा है कि परमाणु संपन्न देश बनने के बहुत करीब पहुंच चुका हैं. जानकारी के मुताबिक ईरान ने तेहरान के बाहर कम से कम सात अलग-अलग स्थानों पर हथियार छिपाए हैं. सभी सतह के नीचे 1,640 फीट की गहराई पर दबे हुए हैं. हालांकि इसकी जगह की अभी सटीक जानकारी नहीं है. इन सभी में से तेहरान “गुप्त” परमाणु केंद्रों में से एक है. ये ठिकाने इतने एडवांस के कि यही से अलग-अलग रेंज की मिसाइलें लॉन्च की जा सकती हैं.
बता दे की पिछले महीने, ईरान ने घरेलू हमले वाले ड्रोनों के अपने तेजी से बढ़ते शस्त्रागार में जोड़ने के लिए एक नए आत्मघाती ड्रोन के निर्माण की घोषणा की थी. इसके अलावा 2016 में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के सेकंड-इन-कमांड ने दावा किया कि ईरान के डिपो और भूमिगत सुविधाएं इतनी भरी हुई थीं कि उसे नहीं पता था कि नई मिसाइलों को कहां रखा जाए.
इसके अलावा 2015 में ईरान के ब्रिगेडियर जनरल अमीर अली हाजीज़ादेह ने कहा था कि ईरान के मिसाइल अड्डे पृथ्वी की गहराई से ज्वालामुखी की तरह फूट सकते हैं. ईरान ने कड़े इंटरनेशनल प्रतिबंधों और हथियारों के प्रतिबंध होने के बावजूद ड्रॉन्स UAV का आक्रामक रूप से विस्तार किया है. हालांकि ईरान जमीन के नीचे वे और क्या उत्पादन कर रहे हैं इसकी किसी को जानकारी नहीं है.
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