गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले मेयर उमेश गौतम अपने चुनिंदा कार्यकर्ताओं के साथ अयूब खां चौराहा पहुंचे, जहां मेयर ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा का लोकार्पण किया।
उसके बाद मेयर उमेश गौतम ने लोगों से अपील भी की आप लोगों इसे अयूब खां चौराहा न कहकर पटेल चौक के नाम से पुकारें। इस प्रतिमा के अनावरण के बाद कुर्मी क्षत्रिय सभा समाज के लोगों ने आपत्ति जताई है। इस पर आक्रोश जताते हुए कुर्मी क्षत्रिय सभा समाज के लोगों ने इसे अन्याय करार दिया।
छत्रपति शिवाजी स्मारक समिति बरेली के अध्यक्ष एवं पूर्व मेयर कुंवर सुभाष पटेल ने कहा कि हमारे समाज के प्रयासो सें 1981 में एक सरदार पटेल की मूर्ति स्थापित कराई, उस समय यह जगह अयूब खां के नाम सें जानी जाती थी। उसके बाद 1995 में मुझे मेयर बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उस समय शरारती तत्वों द्वारा उस मूर्ति को खंडित किया गया था। जिसके बाद प्रतिमा को दोबारा लगाया गया। वहीं फिर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत प्रतिमा को बदलवाया गया।
इससे पहले 22 दिसंबर को मूर्ति बदली गई, उस दौरान भी सूचना नहीं दी गई। अब मेयर ने प्रतिमा का लोकार्पण कर दिया और समाज के लोगों को भी सूचना नहीं दी गई। इस तरह के कार्य सरासर गलत हैं। समिति के सदस्य के साथ मिलकर इस मामले पर जल्द चर्चा की जाएगी।
कुर्मी क्षत्रिय सभा के अध्यक्ष एड. के.पी. सेन गंगवार का कहना है कि मेयर उमेश गौतम ने जिस तरह आनन-फानन में प्रतिमा का लोकार्पण किया, वह निंदनीय है। कुर्मी क्षत्रिय सभा में इसको लेकर रोष है। पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि अभी मैं बाहर हूं, मुझे इस बारे में जानकारी नहीं हैं।
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