ब्रेस्टफीडिंग के दौरान ये गलतियां बन सकती हैं जोखिम का कारण

स्तनपान (ब्रेस्टफीडिंग) नवजात शिशु के लिए सबसे जरूरी और पोषण से भरपूर प्रक्रिया मानी जाती है। मां का दूध बच्चे की इम्यूनिटी बढ़ाने, विकास को बेहतर बनाने और कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है। लेकिन अगर स्तनपान के दौरान कुछ गलतियां हो जाएं, तो यह मां और बच्चे दोनों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं।

आइए जानते हैं ब्रेस्टफीडिंग से जुड़ी आम गलतियां और उनसे कैसे बचें—

1. सही पोजिशन न अपनाना

अगर बच्चा सही तरीके से दूध नहीं पी रहा है, तो उसे पूरा पोषण नहीं मिल पाता और मां को भी दर्द हो सकता है।
👉 सही लैचिंग (latching) बेहद जरूरी है।

2. फीडिंग में बहुत ज्यादा गैप रखना

लंबे समय तक दूध न पिलाने से बच्चे को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता।
👉 नवजात को समय-समय पर दूध पिलाना जरूरी है।


🥗 3. मां का गलत खानपान

मां जो खाती है उसका असर दूध की गुणवत्ता पर पड़ता है।
👉 जंक फूड, बहुत मसालेदार या असंतुलित आहार से बचना चाहिए।

4. बच्चे को जरूरत से पहले दूध छुड़ाना

कई बार मां जल्दी स्तनपान बंद कर देती हैं, जिससे बच्चे की इम्यूनिटी पर असर पड़ सकता है।
👉 डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दूध छुड़ाना चाहिए।

5. पानी और हाइड्रेशन का ध्यान न रखना

मां के शरीर में पानी की कमी होने से दूध की मात्रा प्रभावित हो सकती है।
👉 पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लेना जरूरी है।

6. थकान और तनाव को नजरअंदाज करना

ज्यादा तनाव और नींद की कमी से स्तनपान पर असर पड़ सकता है।
👉 मां का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य भी जरूरी है।

कब लें डॉक्टर की सलाह?

  • बच्चे का वजन सही तरीके से न बढ़ रहा हो
  • दूध पीने में परेशानी हो
  • मां को दर्द या इंफेक्शन महसूस हो
  • बच्चा बार-बार रो रहा हो और भूखा लग रहा हो

ब्रेस्टफीडिंग एक प्राकृतिक और जरूरी प्रक्रिया है, लेकिन इसे सही तरीके से करना बहुत महत्वपूर्ण है।
छोटी-छोटी गलतियां भी बच्चे के स्वास्थ्य पर असर डाल सकती हैं, इसलिए सही जानकारी और सावधानी बेहद जरूरी है।