आज के डिजिटल दौर में मोबाइल, टैबलेट और टीवी बच्चों की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। पढ़ाई से लेकर मनोरंजन तक, हर काम स्क्रीन पर ही हो रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बच्चों का बढ़ता स्क्रीन टाइम उनकी हार्ट हेल्थ पर भी बुरा असर डाल सकता है?
हाल के समय में यह चिंता बढ़ी है कि कम उम्र में ही बच्चों में मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और दिल से जुड़ी समस्याएं देखने को मिल रही हैं—जिसका एक बड़ा कारण है ज्यादा स्क्रीन टाइम और कम फिजिकल एक्टिविटी।
कैसे स्क्रीन टाइम दिल को नुकसान पहुंचाता है?
1. फिजिकल एक्टिविटी की कमी
जब बच्चे ज्यादा समय फोन या टीवी के सामने बिताते हैं, तो उनकी शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है। इससे शरीर में फैट जमा होने लगता है, जो दिल के लिए खतरनाक है।
2. मोटापा बढ़ने का खतरा
लंबे समय तक बैठे रहने और स्नैकिंग की आदत से वजन तेजी से बढ़ता है। मोटापा हार्ट डिजीज का बड़ा कारण बन सकता है।
3. नींद पर असर
ज्यादा स्क्रीन टाइम से बच्चों की नींद प्रभावित होती है, जिससे हार्मोनल असंतुलन और दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ता है।
4. मानसिक तनाव और एंग्जायटी
मोबाइल और सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल बच्चों में तनाव और एंग्जायटी बढ़ा सकता है, जो दिल की सेहत को प्रभावित करता है।
बच्चों में किन बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है?
- हाई ब्लड प्रेशर
- मोटापा
- कोलेस्ट्रॉल बढ़ना
- कम उम्र में दिल की बीमारी
स्क्रीन टाइम कम करने के आसान तरीके
1. टाइम लिमिट सेट करें
बच्चों के लिए रोजाना स्क्रीन टाइम तय करें (1–2 घंटे से ज्यादा नहीं)।
2. आउटडोर एक्टिविटी बढ़ाएं
खेल-कूद, साइकिलिंग और दौड़ जैसे एक्टिविटी के लिए प्रोत्साहित करें।
3. फैमिली टाइम बढ़ाएं
बच्चों के साथ समय बिताएं—बातचीत, गेम्स या किताबें पढ़ें।
4. सोने से पहले स्क्रीन बंद करें
सोने से कम से कम 1 घंटा पहले मोबाइल और टीवी बंद कर दें।
माता-पिता के लिए जरूरी टिप्स
- खुद भी स्क्रीन टाइम कम करें (बच्चे वही सीखते हैं जो देखते हैं)
- बच्चों को हेल्दी डाइट दें
- नियमित हेल्थ चेकअप कराएं
बच्चों का बढ़ता स्क्रीन टाइम सिर्फ उनकी आंखों या दिमाग ही नहीं, बल्कि दिल की सेहत पर भी असर डाल सकता है।
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