आज के समय में थायराइड की समस्या तेजी से बढ़ रही है। हार्मोन असंतुलन, तनाव, खराब खानपान और अनियमित दिनचर्या इसकी बड़ी वजह मानी जाती है। थायराइड होने पर वजन बढ़ना या घटना, थकान, बाल झड़ना, दिल की धड़कन तेज होना और मूड स्विंग जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं। ऐसे में कुछ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां इन लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद कर सकती हैं।
थायराइड क्या है?
थायराइड एक ग्रंथि है जो गर्दन में होती है और शरीर के मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करने वाले हार्मोन बनाती है।
जब हार्मोन कम बनने लगते हैं तो हाइपोथायराइड, और ज्यादा बनने लगते हैं तो हाइपरथायराइड की समस्या होती है।
कौन सी जड़ी-बूटी करती है मदद?
आयुर्वेद में अश्वगंधा को हार्मोन बैलेंस करने वाली जड़ी-बूटी माना जाता है। यह शरीर में स्ट्रेस हार्मोन (कॉर्टिसोल) को कम करने और थायराइड हार्मोन के संतुलन में मदद कर सकती है।
इसके अलावा कुछ लोग
- गुग्गुल
- कचनार
- ब्राह्मी
जैसी जड़ी-बूटियों को भी लाभकारी मानते हैं।
कैसे काम करती है ये जड़ी-बूटी?
- थायराइड हार्मोन को संतुलित करने में मदद
- थकान और कमजोरी कम करती है
- वजन को कंट्रोल करने में सहायक
- तनाव और बेचैनी घटाती है
- इम्यून सिस्टम मजबूत करती है
सेवन का सही तरीका
- 1/2 चम्मच अश्वगंधा पाउडर
- गुनगुने दूध या पानी के साथ
- दिन में 1 बार (रात को लेना बेहतर माना जाता है)
या डॉक्टर की सलाह से इसका कैप्सूल/काढ़ा भी लिया जा सकता है।
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
- गर्भवती महिलाएं
- बहुत ज्यादा हार्मोन बढ़ा हुआ हो
- पहले से थायराइड की दवा ले रहे लोग
इन मामलों में बिना डॉक्टर की सलाह के सेवन न करें।
डाइट और लाइफस्टाइल भी है जरूरी
सिर्फ जड़ी-बूटी से ही नहीं, बल्कि इन बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है:
- आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल
- ज्यादा प्रोसेस्ड फूड से बचें
- रोज हल्की एक्सरसाइज या योग
- पूरी नींद लें
- तनाव कम करें
अगर आप थायराइड के कारण थकान, वजन और मूड से जुड़ी परेशानियों से जूझ रहे हैं, तो आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी जैसे अश्वगंधा लक्षणों को कंट्रोल करने में मददगार हो सकती है। हालांकि यह इलाज का विकल्प नहीं, बल्कि एक सपोर्टिव उपाय है। सही मात्रा और डॉक्टर की सलाह के साथ इसका सेवन करना सबसे सुरक्षित तरीका है।
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