आजकल बहुत से लोग बिना ज्यादा काम किए भी थकान महसूस करते हैं, छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़े हो जाते हैं और शरीर में कमजोरी बनी रहती है। अक्सर इसका कारण विटामिन की कमी माना जाता है, लेकिन कई बार इसके पीछे एक जरूरी मिनरल – मैग्नीशियम की कमी होती है।
मैग्नीशियम शरीर के लिए बेहद जरूरी मिनरल है, जो मांसपेशियों, नसों और दिमाग को सही तरह से काम करने में मदद करता है।
मैग्नीशियम क्या करता है?
मैग्नीशियम शरीर में कई अहम काम करता है:
- मांसपेशियों को रिलैक्स करता है
- नर्वस सिस्टम को शांत रखता है
- एनर्जी बनाने में मदद करता है
- नींद और मूड को संतुलित रखता है
- दिल की धड़कन को कंट्रोल करता है
मैग्नीशियम की कमी के लक्षण
अगर शरीर में मैग्नीशियम कम हो जाए तो ये लक्षण दिख सकते हैं:
- हर समय थकान महसूस होना
- चिड़चिड़ापन और गुस्सा जल्दी आना
- नींद न आना या बार-बार टूटना
- मांसपेशियों में दर्द या ऐंठन
- सिरदर्द
- कमजोरी और सुस्ती
- ध्यान लगाने में परेशानी
मैग्नीशियम की कमी क्यों हो जाती है?
- ज्यादा जंक फूड और प्रोसेस्ड खाना
- हरी सब्जियों और ड्राई फ्रूट्स की कमी
- ज्यादा चाय-कॉफी पीना
- शराब का सेवन
- लंबे समय तक तनाव
- पेट से जुड़ी समस्याएं (डायरिया, गैस्ट्रिक इश्यू)
मैग्नीशियम की कमी दूर करने के लिए क्या खाएं?
इन फूड्स को डाइट में शामिल करें:
1. हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, मेथी, बथुआ मैग्नीशियम से भरपूर होती हैं।
2. ड्राई फ्रूट्स
बादाम, काजू और अखरोट मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत हैं।
3. केला
केला एनर्जी देता है और मिनरल बैलेंस बनाए रखता है।
4. दालें और बीन्स
चना, राजमा और मसूर दाल में अच्छी मात्रा में मैग्नीशियम होता है।
5. साबुत अनाज
ओट्स, ब्राउन राइस और मल्टीग्रेन रोटी फायदेमंद होती है।
कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
अगर:
- थकान बहुत ज्यादा हो
- चिड़चिड़ापन लगातार बना रहे
- नींद बिल्कुल न आए
- मांसपेशियों में बार-बार ऐंठन हो
तो ब्लड टेस्ट कराकर मैग्नीशियम लेवल की जांच कराना जरूरी है।
क्या सप्लीमेंट लेना चाहिए?
बिना डॉक्टर की सलाह के मैग्नीशियम सप्लीमेंट लेना सही नहीं है। ज्यादा मात्रा में लेने से:
- दस्त
- उल्टी
- लो ब्लड प्रेशर
- दिल की धड़कन गड़बड़
जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
अगर शरीर में मैग्नीशियम की कमी हो जाए तो इसका असर सीधे एनर्जी लेवल और मूड पर पड़ता है। यही वजह है कि थकान और चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है। सही खानपान और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर इस कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।
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