अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन टिकाऊ, समावेशी क्षेत्रीय विकास के अगले चरण की रूपरेखा तैयार करने के लिए एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) समूह की अर्थव्यवस्थाओं के साथ साझेदारी करने की अमेरिका की प्रतिबद्धता को दोहराएंगे। बाइडन एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग शिखर सम्मेलन में सदस्य अर्थव्यवस्थाओं के 21 प्रतिनिधियों की मेजबानी करने के लिए सैन फ्रांसिस्को की यात्रा करेंगे।
व्हाइट हाउस ने कहा कि बाइडन 14 नवंबर को सैन फ्रांसिस्को के लिए रवाना होंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी ‘एपेक लीडरशिप समिट’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। लेकिन मोदी की यात्रा के बारे में अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जीन पियरे ने कहा कि राष्ट्रपति अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती और लचीलेपन को रेखांकित करेंगे। उन्होंने कहा कि बाइडन एशिया-प्रशांत के साथ हमारे दीर्घकालिक आर्थिक संबंध, हाल के वर्षों में एपेक अर्थव्यवस्थाओं से अमेरिका में रोजगार सृजन निवेश में वृद्धि, एशिया-प्रशांत और वैश्विक स्तर पर विकास तथा नवाचार को बढ़ावा देने में अमेरिकी अर्थव्यवस्था की भूमिका पर प्रकाश डालेंगे।
अमेरिकी के एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति बाइडन और उनके चीनी समकक्ष शी चिनफिंग अगले महीने सैन फ्रांसिस्को में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग शिखर सम्मेलन के मौके पर मिलने पर सहमत हुए हैं। एपेक 21 एशिया-प्रशांत अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है। इसमें ऑस्ट्रेलिया, ब्रुनेई दारुस्सलाम, कनाडा, चिली, ताइवान, हांगकांग, इंडोनेशिया, जापान, मलेशिया, मेक्सिको, न्यूजीलैंड, पापुआ न्यू गिनी, चीन, पेरू, दक्षिण कोरिया, फिलिपीन, रूस, सिंगापुर, थाईलैंड, अमेरिका और वियतनाम शामिल हैं।
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