राजस्थान में चित्तौढगढ में कार्यरत डा मायाधर बारिक को इंटरनेशनल कांफ्रेंस ऑन इंर्फाेमेेटिक्स मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी इन हैल्थ केयर (आईसीआईएमटीएच) की वैज्ञानिक कार्यक्रम समिति और समीक्षकों के पैनल की सूची में चयन किया गया है।
उड़ीसा के मयुरभंज जिला निवासी डॉ. मायाधर बारिक चित्तौढगढ में मेवाड़ यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है। डा बारिक को एशिया से समीक्षक के रूप में चुना गया है और यह एशिया के एकमात्र ऐसे व्यक्ति है जिनको स्वास्थ्य देखभाल अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमता (गंभीर बीमारियों) विषय पर की गई रिसर्च के आधार पर इनका चयन हुआ है।
डा बारिक को चिकित्सा के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान के लिए 6 विषयों स्तन कैंसर, तंत्रिका विज्ञान, प्रतिरक्षा प्रणाली आदि पर भी पेटेंट इनके नाम है। इसकेअलावा मुख्य रूप से स्तन कैंसर, संक्रामक रोगों, जन्म दोषों आदि पर कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड भी प्राप्त कर चुके है। जिनमें आउटस्टैंडिंग साइंटिस्ट अवार्ड, सर एपीजे अब्दुल कलाम और एक्सीलेंस इन रिसर्च जैसे अवॉर्ड शामिल है। इन्होंने पाठ्यपुस्तक अध्यायों के साथ 50786 से अधिक लेखों को सफलतापूर्वक पूरा किया है और उनकी समीक्षा की है।
डा बारिक की हाल ही में इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एडवांस्ड रिसर्च (आईजेएआर) में न्यूरो इमेजिंग ऑफ डिफ्यूज एक्जोनल इंजरी और कॉर्डिक रिहैबिलिटेशन ऑन कोविड-19 पर भी रिसर्च प्रकाशित हुई है। वे एम्स नई दिल्ली में भी कार्य कर चुके हैं।
वे वर्तमान में यहां स्थित मेवाड़ यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है और उनके चयन पर उन्हें युनिवर्सिटी के अध्यक्ष डॉ. अषोक कुमार गदिया और वाइस चांसलर डॉ. आलोक कुमार मिश्रा ने बधाई देते हुए कहा है कि इनकी रिसर्च से आने वाले समय में चिकित्सा के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल होगी।
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