आज तेजी से बदलती लाइफ स्टाइल ने बड़ी संख्या में थायराइड के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी की है। थायराइड हमारे शरीर की एक ग्रंथि होती है जो कि हमारी मेटाबॉलिक प्रोसेस को ठीक रखने में भूमिका निभाती है। थायराइड तितली के आकार की ग्लैंड होती है, जो कि हमारे गले में स्थित होती है। थायरॉइड के कोई खास लक्षण नहीं दिखाई देते है और जिसकी वजह से क़रीब एक तिहाई लोगों को पता ही नहीं होता कि वे इस रोग से पीड़ित हैं। थायरॉइड ग्रंथि जब शरीर के लिए पर्याप्त हार्मोन पैदा नहीं कर पाती, तो इसे ‘हाइपो-थायरॉइडिज़्म’ कहा जाता है, यदि थायरॉइड ग्रंथि ज़्यादा हार्मोन पैदा करने लगे, तो इस समस्या को ‘हाइपर-थायरॉइडिज़्म’ कहते हैं एक और समस्या जो की थायरॉइड की ग्रंथि में सूजन आ जाती है, जिसे गॉयटर कहा जाता हैं। आइये जाने थाइराइड के लक्षण,
-वजन का बढ़ना-घटना
-गले में सूजन
-मूड स्विंग होना
-बाल झड़ना
-चिड़चिड़ापन
-अनिद्रा और कमज़ोरी
-गुस्सा आना
-स्किन ड्राई होना
-वजन का बढ़ना-घटना
थाइराइड के लिए 5 सुपर फू़ड्स है वरदान ,
- आंवला – आंवला में संतरे के मुकाबले आठ गुना ज्यादा विटामिन C मौजूद होता है। आंवला सेहत के लिए फायदेमंद होता है ये तो हम सभी जानते हैं, लेकिन ये थायराइड को कंट्रोल रखने में भी मदद करता है। आंवला का जूस या फिर इसे किसी और रूप में भी लिया जा सकता है।
- नारियल पानी – थायराइड मरीजों के लिए नारियल पानी एक बेस्ट ड्रिंक है, हम बात करे नारियल या फिर नारियल का तेल सभी के अपने अलग अलग फायदे है , यह धीरे-धीरे मेटाबॉलिज्म को सुधारने में मदद करता है।
- ब्राजील नट्स – थायराइड हार्मोंन के मेटाबॉलिज्म के लिए शरीर को सेलेनियम की जरूरत पड़ती है। ब्राजील नट्स सेलेनियम का अच्छा प्राकृतिक स्त्रोत माना जाता है।
- पम्पकिन सीड्स – पम्पकिन सीड्स में जिंक की मात्रा अधिक होती है। इसकी मदद से अन्य विटामिन्स और मिनरल्स को एब्ज़ॉर्ब करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही जिंक हमारे शरीर में थायराइड हार्मोन को सिंथेसिस करने और संतुलित रखने में मदद करता है।
- मूंग की दाल – मूंग की दाल भी प्रोटीन से भरपूर होती है। सभी दालों में प्रोटीन, विटामिन, फाइबर, और मिनरल्स पाए जाते हैं।मूंग दाल को डाइजेस्ट करना काफी आसान होता है। मूंग दाल भी शरीर में होने वाली आयोडीन की कमी को दूर करती है।
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