भारतीय टेक कंपनी Zoho Corporation ने अपने देशी मैसेजिंग ऐप Arattai के ज़रिए इंस्टैंट मैसेजिंग की दुनिया में बड़ा कदम रखा है। “Arattai” — जिसका तमिल में अर्थ है “बातचीत” — को भारत के तकनीकी परिदृश्य में व्हाट्सऐप जैसी बड़ी विदेशी सेवाओं के विकल्प के रूप में पेश किया गया है। Zoho का यह प्रयास आत्मनिर्भर भारत और डेटा संप्रभुता की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
क्या है Arattai की खास बात?
Arattai को Zoho की तकनीकी विशेषज्ञता और डेटा गोपनीयता के प्रति प्रतिबद्धता के साथ विकसित किया गया है। Zoho के CEO श्री श्रीधर वेंबू के नेतृत्व में बनी यह एप्लिकेशन भारतीय उपयोगकर्ताओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
मुख्य विशेषताएं:
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन: चैट की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए पूरी बातचीत एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड है।
क्लीन और यूज़र-फ्रेंडली इंटरफेस: इंटरफेस सरल और विज्ञापन-मुक्त है।
स्वदेशी सर्वर: डेटा भारत में ही संग्रहित होता है, जिससे उपयोगकर्ताओं की निजता को प्राथमिकता दी गई है।
फ्री वॉयस व वीडियो कॉलिंग: उच्च गुणवत्ता की कॉलिंग सुविधा बिना किसी रुकावट के।
ग्रुप चैट, फाइल शेयरिंग और स्टिकर्स जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
व्हाट्सऐप से तुलना कितनी जायज़?
भारत में व्हाट्सऐप के करोड़ों उपयोगकर्ता हैं और यह वर्षों से सबसे भरोसेमंद इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप के रूप में अपनी जगह बनाए हुए है। ऐसे में किसी भी नए ऐप के लिए यह बाज़ार में जगह बनाना आसान नहीं है। लेकिन Arattai की खास बात यह है कि यह पूरी तरह भारतीय कंपनी द्वारा विकसित है, और यूज़र्स के डेटा को भारत के अंदर ही संग्रहित और नियंत्रित किया जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा प्राइवेसी को लेकर बढ़ती चिंता और सोशल मीडिया कंपनियों की नीति विवादों के चलते कई भारतीय उपयोगकर्ता स्थानीय विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं। ऐसे में Arattai अपने भरोसेमंद और पारदर्शी प्लेटफॉर्म के चलते लोगों का विश्वास जीत सकता है।
‘मेड इन इंडिया’ की ओर एक और कदम
Zoho का यह ऐप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे अभियानों के अनुरूप है। जहां देश में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की बात हो रही है, वहीं Arattai जैसे स्वदेशी एप्लिकेशन उस दिशा में सकारात्मक संकेत हैं।
क्या कहता है बाजार?
फिलहाल Arattai को बीटा टेस्टिंग मोड में लॉन्च किया गया है, और इसे Android तथा iOS दोनों प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध कराया जा रहा है। शुरुआती समीक्षा के अनुसार ऐप स्मूदली काम करता है और ज़्यादा बैटरी भी खर्च नहीं करता।
हालांकि, Zoho को अब बड़े पैमाने पर मार्केटिंग, फीचर विस्तार और यूज़र आधार निर्माण पर ध्यान देना होगा ताकि वह व्हाट्सऐप, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे दिग्गजों से मुकाबला कर सके।
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