यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने मंगलवार को मास्को के साथ शांति वार्ता की धारणा को खारिज करते हुए रूस को शांति के वास्ते मजबूर करने और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का पालन करने के लिए वैश्विक ‘कार्रवाई’ का आह्वान किया
संयुक्त राष्ट्र चार्टर कहता है कि प्रत्येक देश अन्य सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करे।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ‘‘एक अंतरराष्ट्रीय अपराध’’ कर रहे हैं और उन्होंने इतने सारे अंतरराष्ट्रीय नियम तोड़े हैं कि वह अपने आप नहीं रुकेंगे।
ज़ेलेंस्की ने महासभा में विश्व नेताओं की वार्षिक सभा के मौके पर एक बैठक में कहा ‘‘और यही कारण है कि यह युद्ध आसानी से खत्म नहीं हो सकता। यही कारण है कि इस युद्ध को बातचीत से शांत नहीं किया जा सकता’’
उन्होंने कहा ‘‘रूस को केवल शांति के लिए मजबूर किया जा सकता है, और यही आवश्यक है – इस युद्ध में एकमात्र हमलावर, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के एकमात्र उल्लंघनकर्ता के रूप में रूस को शांति के लिए मजबूर करना।’’
यूक्रेन में ढाई साल से चल रहे युद्ध पर हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में परिषद के 15 सदस्य देशों में से 14 के मंत्रियों ने भाग लिया। रूस ने अपने निचले स्तर के संयुक्त राष्ट्र राजदूत को भेजा।
बैठक की शुरुआत में वासिली नेबेंजिया ने विरोध जताया कि ज़ेलेंस्की को फिर से संयुक्त राष्ट्र का ध्यान आकर्षित करने का मौका दिया जा रहा है। उन्होंने यूक्रेन के नेता को ‘घिसी-पिटी बातें दोहराने की अनुमति देने के लिए’ स्लोवेनिया की भी आलोचना की, जो इस महीने परिषद की अध्यक्षता कर रहा है।
उनका मतलब था कि यूरोपीय संघ और नाटो के लगभग 10 सदस्य परिषद में नहीं हैं, लेकिन हर बार जब भी वे परिषद में आते हैं तो ‘‘रूसी संघ को बदनाम करने के लिए एक सुर में बोलते हैं।’’
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने विश्व निकाय के चार्टर के तहत यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए संयुक्त राष्ट्र के मजबूत समर्थन को दोहराया।
उन्होंने कहा ‘‘एक दशक पहले स्वायत्त गणराज्य क्रीमिया और सेवस्तोपोल शहर के अवैध कब्जे के बाद फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस का बड़े पैमाने पर आक्रमण इन सिद्धांतों का स्पष्ट उल्लंघन है।’’
यह भी पढ़े :-
पीएम मोदी भारत के सभी अल्पसंख्यक समुदायों की परवाह करते हैं : कार्डिनल ओसवाल्ड ग्रेसियस
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check