डिजिटल सुरक्षा आज विश्व स्तर पर सबसे बड़ी चिंताओं में से एक बन गई है। ऐसे में, अमेरिका की प्रमुख जांच एजेंसी FBI ने एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है, जिसने आम उपयोगकर्ताओं को अपने संचार के तरीकों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है। FBI के अनुसार, पारंपरिक SMS भेजना आज के दौर में व्यक्तिगत सुरक्षा के लिहाज़ से जोखिम भरा साबित हो सकता है, जबकि WhatsApp जैसे एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन वाले प्लेटफ़ॉर्म कहीं अधिक सुरक्षित विकल्प प्रदान करते हैं।
FBI ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि सामान्य SMS संदेश न तो एन्क्रिप्टेड होते हैं और न ही सुरक्षित चैनल के माध्यम से यात्रा करते हैं। मोबाइल नेटवर्क से गुजरते समय इन संदेशों को आसानी से इंटरसेप्ट किया जा सकता है, और साइबर अपराधी या हैकर्स इनका दुरुपयोग कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि टेक्स्ट संदेशों में भेजी जाने वाली OTP, बैंकिंग जानकारी या निजी बातचीत साइबर हमलों का आसान लक्ष्य बन सकती है।
इसके विपरीत, WhatsApp जैसे मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन तकनीक का उपयोग करते हैं। इसका अर्थ है कि संदेश सिर्फ भेजने वाले और प्राप्त करने वाले व्यक्ति के बीच ही पढ़े जा सकते हैं। यहां तक कि प्लेटफ़ॉर्म संचालित करने वाली कंपनी भी इन संदेशों को नहीं पढ़ सकती। FBI का कहना है कि इस तरह की एन्क्रिप्शन प्रणाली डिजिटल संचार को एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच प्रदान करती है, जिससे डेटा चोरी, जासूसी और हैकिंग की संभावनाएं काफी हद तक कम हो जाती हैं।
सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार, साइबर अपराध लगातार तकनीकी रूप से उन्नत हो रहे हैं, ऐसे में उपयोगकर्ताओं को अपनी डिजिटल आदतों में बदलाव लाने की आवश्यकता है। SMS जैसे असुरक्षित माध्यम न केवल निजी जानकारियों को खतरे में डालते हैं बल्कि वित्तीय धोखाधड़ी का रास्ता भी खोल सकते हैं। कई मामलों में देखा गया है कि हैकर्स SIM स्वैपिंग या नेटवर्क स्नूपिंग तकनीक का इस्तेमाल करके उपयोगकर्ताओं के SMS डेटा तक पहुंच बना लेते हैं।
दूसरी ओर, WhatsApp न केवल संदेशों बल्कि कॉल, वीडियो कॉल और शेयर किए गए मीडिया को भी एन्क्रिप्टेड रूप में सुरक्षित रखता है। इसकी सिक्योरिटी अपडेट्स और प्राइवेसी फीचर्स इसे उन प्लेटफ़ॉर्म्स की सूची में रखते हैं जिन्हें FBI काफी विश्वसनीय मानती है। यद्यपि कोई भी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पूरी तरह जोखिम-मुक्त नहीं है, परंतु एन्क्रिप्शन वाली सेवाएँ उपयोगकर्ताओं को उच्च स्तर की सुरक्षा का भरोसा देती हैं।
रिपोर्ट में यह भी सलाह दी गई है कि उपयोगकर्ताओं को इंटरनेट के माध्यम से संवाद करते समय केवल सुरक्षा प्रमाणित ऐप्स का ही उपयोग करना चाहिए। अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें, टू-स्टेप वेरिफिकेशन सक्रिय रखें और नियमित रूप से प्राइवेसी सेटिंग्स की समीक्षा करें।
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