बिना अनुमति नहीं बदल सकेंगे सेटिंग! Instagram लाया टीन सेफ्टी लॉक

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram ने बच्चों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। कंपनी ने हाल ही में एक नया सेफ्टी फीचर लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य नाबालिग यूज़र्स को ऑनलाइन खतरों और अनुचित सामग्री से बचाना है।

इस नई पहल के तहत, 13 से 18 वर्ष तक के यूज़र्स के अकाउंट्स में कुछ महत्वपूर्ण सेफ्टी सेटिंग्स पहले से ऑन रहेंगी और खास बात यह है कि इन सेटिंग्स को बिना माता-पिता की अनुमति के बदला नहीं जा सकेगा।

क्या है नया फीचर?

Instagram की इस नई सुरक्षा सुविधा को “Teen Safety Lock” के रूप में जाना जा रहा है। इसके अंतर्गत जब भी कोई नया टीन यूज़र अकाउंट बनाता है या मौजूदा यूज़र उस आयु सीमा में आता है, तो उसकी प्रोफ़ाइल अपने आप एक सुरक्षित मोड (Default Private & Restricted Mode) में चली जाएगी।

इस मोड में:

अकाउंट प्राइवेट रहेगा

अजनबी संदेश नहीं भेज पाएंगे

अनुचित कंटेंट को ऑटोमैटिक फिल्टर किया जाएगा

सर्च में सीमित दृश्यता रहेगी

टाइम लिमिट्स और ब्रेक रिमाइंडर जैसे हेल्थ फीचर्स पहले से एक्टिव रहेंगे

पैरेंटल कंट्रोल को मिली और मज़बूती

इस फीचर के साथ Instagram ने पैरेंटल कंट्रोल डैशबोर्ड को भी और सशक्त किया है। अब माता-पिता यह देख सकेंगे कि बच्चा किन अकाउंट्स से जुड़ा है, किस प्रकार की गतिविधि में संलग्न है, और स्क्रीन टाइम कितना है। सबसे अहम बात यह है कि बच्चा यदि सेफ्टी सेटिंग्स में कोई बदलाव करना चाहे, तो पहले पैरेंट्स की अनुमति ज़रूरी होगी।

क्यों ज़रूरी था यह बदलाव?

बीते कुछ वर्षों में सोशल मीडिया पर बच्चों और किशोरों को निशाना बनाए जाने के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। साइबरबुलिंग, ऑनलाइन ग्रूमिंग और असुरक्षित कॉन्टेंट के कारण विशेषज्ञ लंबे समय से सोशल मीडिया कंपनियों से अधिक जवाबदेही की मांग कर रहे थे।

Instagram की इस नई पहल को इस दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

भारत समेत कई देशों में होगा लागू

Instagram ने पुष्टि की है कि यह नया फीचर चरणबद्ध तरीके से दुनिया भर में लागू किया जाएगा, जिसमें भारत भी प्रमुख बाजार के रूप में शामिल है। कंपनी का मानना है कि यह कदम किशोरों के लिए सोशल मीडिया अनुभव को ज्यादा सुरक्षित, जिम्मेदार और स्वस्थ बनाएगा।

Instagram का आधिकारिक बयान

Instagram के ग्लोबल हैड ऑफ सेफ्टी ने अपने बयान में कहा,

“हम समझते हैं कि युवा यूज़र्स की डिजिटल सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह फीचर न केवल उनकी सुरक्षा करता है, बल्कि पैरेंट्स को भी शामिल कर पारदर्शिता और विश्वास का माहौल बनाता है।”

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