बच्चेदानी खिसकना (Uterine Prolapse) एक ऐसी समस्या है जो महिलाओं की पेल्विक मांसपेशियों की कमजोरी के कारण होती है। कई बार रोजमर्रा की आदतें भी इसके खतरे को बढ़ा सकती हैं। जानें कौन सी आदतें सावधान रहने की जरूरत है।
1. भारी वजन उठाना
बार-बार भारी सामान उठाने से पेल्विक मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है। यह मांसपेशियों को कमजोर कर सकता है और बच्चेदानी खिसकने का जोखिम बढ़ा देता है।
2. लंबे समय तक बैठना या खड़े रहना
एक ही स्थिति में लंबे समय तक रहना पेल्विक फ्लोर की ताकत को कम कर सकता है। यह मांसपेशियों की लोच और सपोर्ट घटाता है।
3. बार-बार कब्ज या पेट की भारी समस्या
कब्ज़, बार-बार स्ट्रेनिंग या पेट में दबाव डालना पेल्विक मांसपेशियों पर तनाव डालता है। इससे बच्चेदानी की स्थिति प्रभावित हो सकती है।
4. गलत एक्सरसाइज या पोश्चर
कुछ गलत योगासन, भारी वर्कआउट या गलत पोश्चर में बैठना/खड़ा होना पेल्विक मसल्स को कमजोर कर सकता है।
बचाव के उपाय
- रोजाना पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज (किगल एक्सरसाइज) करें।
- वजन उठाते समय सही तकनीक अपनाएं।
- कब्ज़ से बचें, फाइबर युक्त आहार लें और पानी पर्याप्त पिएं।
- लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहने से बचें और बीच-बीच में स्ट्रेच करें।
महिलाओं की पेल्विक मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखना जरूरी है। रोजमर्रा की ये 4 आदतें जानबूझकर या अनजाने में बच्चेदानी खिसकने का खतरा बढ़ा सकती हैं। सावधानी और सही एक्सरसाइज से इस समस्या से बचा जा सकता है।
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