सर्वाइकल कैंसर यानी गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर महिलाओं में सबसे आम प्रकार के कैंसर में से एक है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रारंभिक अवस्था में इसके लक्षण पहचानना और समय पर इलाज कराना जीवन रक्षक हो सकता है। लेकिन अधिकतर महिलाएं इसके शुरुआती संकेतों को अनदेखा कर देती हैं, जिससे बीमारी अत्यधिक बढ़ जाती है और इलाज कठिन हो जाता है।
सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण
अनियमित या असामान्य रक्तस्राव
महिलाओं को मासिक धर्म के अलावा बीच में या सेक्स के बाद खून आना चेतावनी हो सकती है। यह सबसे आम लक्षणों में से एक है।
असामान्य सफेद या गंधयुक्त स्राव
गर्भाशय ग्रीवा से आने वाला असामान्य स्राव या तेज गंध वाला डिस्चार्ज भी प्रारंभिक चेतावनी संकेत हो सकता है।
पीठ, पेट या कमर में दर्द
नीचे पेट या पीठ में लगातार दर्द होना अक्सर अनदेखा किया जाता है, लेकिन यह कैंसर के बढ़ने का संकेत हो सकता है।
पेशाब या मलत्याग में बदलाव
पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना या मलत्याग में असामान्य बदलाव भी गंभीर चेतावनी संकेत हो सकते हैं।
महिलाओं को ज्यादा खतरा क्यों?
विशेषज्ञों के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में ज्यादा पाया जाता है क्योंकि एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) संक्रमण सबसे बड़ा कारण है। यह वायरस यौन संपर्क के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है। इसके अलावा, धूम्रपान, कमजोर इम्यूनिटी और लंबे समय तक गर्भ निरोधक गोलियों का उपयोग भी जोखिम बढ़ाते हैं।
रोकथाम और सावधानी
नियमित स्क्रीनिंग और पाप स्मियर टेस्ट
महिलाओं को 21 साल की उम्र के बाद नियमित रूप से पाप स्मियर टेस्ट और HPV टेस्ट कराना चाहिए। यह कैंसर की प्रारंभिक अवस्था में पहचान में मदद करता है।
एचपीवी वैक्सीन
डॉक्टरों की सलाह अनुसार 9 से 26 साल की उम्र तक एचपीवी वैक्सीन लेने से गंभीर जोखिम कम हो सकता है।
स्वस्थ जीवनशैली
धूम्रपान और शराब से बचें, संतुलित आहार लें और नियमित एक्सरसाइज करें। यह इम्यून सिस्टम को मजबूत रखता है।
शारीरिक बदलावों पर ध्यान दें
अगर मासिक धर्म, डिस्चार्ज या पेट में दर्द में असामान्य बदलाव नजर आए, तो इसे अनदेखा न करें और तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।
यह भी पढ़ें:
ज्यादा नमक नहीं खाते फिर भी ब्लड प्रेशर बढ़ रहा? ये 5 चीजें हो सकती हैं वजह
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check